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भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा है 'करंज', दुश्मनों को चकमा देकर करेगा तबाह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 Jan 2018 07:06 AM IST
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समंदर में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए भारतीय नौसेना में जल्द ही स्कॉर्पीन श्रेणी का एक नया सबमरीन शामिल होगा। 'करंज' नाम की इस सबमरीन (पनडुब्बी) को 31 जनवरी को मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड से लॉन्च किया जाएगा। इस खास मौके पर नौसेना प्रमुख सुनील लांबा मौजूद होंगे। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक इस पनडुब्बी को तैयार करने का श्रय मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड को जाता है। बता दें कि यह एक स्वदेशी सबमरीन है जो 'मेक इन इंडिया' का परचम लहराएगा।
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क्या है 'करंज' की ताकत?
दुश्मनों को चकमा देने में 'करंज' को माहिर बनाया गया है। अपने आधुनिक फीचर्स और सटीक निशाना लगाने की खूबी से यह चीन और पाकिस्तान जैसे देशों की मुश्किलें बढ़ा देगा। 'करंज' सबमरीन युद्ध की किसी भी स्थिति में पास होने की पूरी संभावना रखता है। चाहे पानी में लड़ना हो या फिर एंटी सबमरीन वॉरफेयर या फिर चाहे इंटेलिजेंस इकट्ठा करने की बात हो 'करंज' पूरी तरह से आजमाया जा सकता है।
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प्रोजेक्ट- 23 हजार करोड़ रुपये
सीरीज की पहली सबमरीन- कलवरी
दूसरी सबमरीन- खंडेरी
The third Scorpene class submarine KARANJ to be launched at Mazagon Dock on 31 Jan 2018. Navy Chief Sunil Lanba will be present pic.twitter.com/7fZR7J2LRm
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 29, 2018
कितना बड़ा है 'करंज'?
लंबाई- 67.5 मीटर
ऊंचाई- 12.3 मीटर
वजन- 1565 टन
तकनीक- फ्रांस
चीन और पाकिस्तान की बढ़ती गुस्ताखियों के चलते भारतीय रक्षा मंत्रालय से भारतीय नेवी को 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों की मंजूरी दी गई थी। जिसके बाद इस परियोजना का 6 पनडुब्बियों की सीरीज का दूसरा आईएनएस खांदेरी पहले ही नेवी के बेड़े में शामिल किया जा चुका है। बता दें कि इन सभी सबमरीनों को 2020 तक भारतीय नेवी में शामिल करने की योजना है।
'करंज' की खासियत
रडार की पकड़ में न आना
जमीन पर हमला करने में सक्षम
सबमरीन में ऑक्सीजन बनाने की क्षमता
लंबे समय तक पानी में रहने के काबिल
6 स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का यह मौजूदा प्रोजेक्ट फ्रांस की कंपनी डीसीएनएस के सहयोग से चलाया जा रहा है। इस डील में मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड को फ्रांसीसी कंपनी टेक्नॉलजी ट्रांसफर भी करेगी। यह प्रोजेक्ट कुल 23 हजार करोड़ रुपये का है। जो जून 2020 तक छह स्कॉर्पीन सबमरीन भारतीय नौसेना को देगा।