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Hindi News ›   India News ›   Maiden landing of helicopters by night onboard INS Vikrant was achieved on 28 March by Kamov 31 helicopter

INS Vikrant: आईएनएस विक्रांत पर पहली बार उतारा गया कामोव 31 हेलीकॉप्टर, रात में ऑपरेशन के लिए परीक्षण सफल

Tue, 04 Apr 2023 12:58 AM IST
वीरेंद्र शर्मा एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 04 Apr 2023 12:58 AM IST
सार

आईएनएस विक्रांत पर किए गए सफलतापूर्वक परीक्षण ने साबित कर दिया कि यह रात के समय में सुरक्षित लैंडिंग कर सकता है।

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Maiden landing of helicopters by night onboard INS Vikrant was achieved on 28 March by Kamov 31 helicopter
आईएनएस विक्रांत पर कामोव 31 हेलीकॉप्टर की सफलतापूर्वक हुई लैंडिंग - फोटो : ANI

विस्तार

आईएनएस विक्रांत पर पहली बार कामोव 31 हेलीकॉप्टर सुरक्षित उतारा। रात में सुरक्षा के लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण है। वहीं, कामोव 31 हेलीकॉप्टर 28 मार्च को आईएनएस विक्रांत पर उतारा गया। भारतीय नौसेना के अधिकारी के मुताबिक, परीक्षण के दौरान स्वदेशी प्रकाश सहायक उपकरण और शिपबोर्न सिस्टम का इस्तेमाल किया गया, जो कि पूरी तरह सफल सिद्ध हुए। 
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जानें- विक्रांत की खासियत क्या-क्या?

1. कोचिन शिपयार्ड में बने आईएनएस विक्रांत की लंबाई 262 मीटर है। वहीं, इसकी चौड़ाई भी करीब 62 मीटर है। यह 59 मीटर ऊंचा है और इसकी बीम 62 मीटर की है। युद्धपोत में 14 डेक हैं और 1700 से ज्यादा क्रू को रखने के लिए 2300 कंपार्टमेंट्स हैं। इनमें महिला अधिकारियों के लिए अलग से केबिन बनाए गए हैं। इसके अलावा इसमें आईसीयू से लेकर चिकित्सा से जुड़ी सभी सेवाएं और वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं भी हैं। आईएनएस विक्रांत का वजन करीब 40 हजार टन है, जो इसे अन्य एयरक्राफ्ट से विशाल बनाता है। 
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2. आईएनएस विक्रांत की असली ताकत सामने आती है समुद्र में, जहां इसकी अधिकतम स्पीड 28 नॉट्स तक है। यानी करीब 51 किमी प्रतिघंटा। इसकी सामान्य गति 18 नॉट्स यानी 33 किमी प्रतिघंटा तक है। यह एयरक्राफ्ट कैरियर एक बार में 7500 नॉटिकल मील यानी 13,000+ किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। 
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3. इस एयरक्राफ्ट कैरियर की विमानों को ले जाने की क्षमता और इसमें लगे हथियार इसे दुनिया के कुछ खतरनाक पोतों में शामिल करते हैं। नौसेना के मुताबिक, यह युद्धपोत एक बार में 30 एयरक्राफ्ट ले जा सकता है। इनमें मिग-29के फाइटर जेट्स के साथ-साथ कामोव-31 अर्ली वॉर्निंग हेलिकॉप्टर्स, एमएच-60आर सीहॉक मल्टीरोल हेलिकॉप्टर और एचएएल द्वारा निर्मित एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं। नौसेना के लिए भारत में निर्मित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट- एलसीए तेजस भी इस एयरक्राफ्ट कैरियर से आसानी से उड़ान भर सकते हैं। 


 
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