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Bengal: महुआ मोइत्रा को हाई कोर्ट से अंतरिम राहत, पांच अक्तूबर तक पुलिस की सख्त कार्रवाई पर क्यों लगी रोक?

Tue, 21 Jul 2026 04:39 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 21 Jul 2026 04:39 PM IST
सार

Mahua Moitra Gets Interim Relief: तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कथित हेट स्पीच मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली। अदालत ने पांच अक्तूबर तक उनके खिलाफ किसी भी तरह की सख्त पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि उन्हें जांच में सहयोग करने और 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। क्या जांच में सहयोग के बाद यह राहत आगे भी जारी रहेगी? आइए, विस्तार से जानते हैं...

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Mahua Moitra Gets Interim Relief from Calcutta High Court Why Police Action Stayed Till October 5
महुआ मोइत्रा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा को कथित 'हेट स्पीच' मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ 5 अक्तूबर तक किसी भी तरह की सख्त पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि अदालत ने साफ किया कि यह राहत तभी तक लागू रहेगी, जब तक महुआ मोइत्रा जांच में पूरा सहयोग करें और अदालत की ओर से तय सभी शर्तों का पालन करें। इस आदेश के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी या अन्य सख्त कार्रवाई पर रोक लग गई है, लेकिन जांच जारी रहेगी।

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महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दावा किया था कि उनके खिलाफ नदिया जिले के होगलबेरिया थाने में दर्ज मामला मनगढ़ंत आरोपों पर आधारित है। उन्होंने अदालत से पुलिस की किसी भी सख्त कार्रवाई पर रोक लगाने और पूरे मामले को रद्द करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 1 अक्तूबर को होगी, जबकि अंतरिम राहत 5 अक्तूबर तक या अगले आदेश तक लागू रहेगी।

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क्या हाई कोर्ट ने राहत देने का आधार बताया?

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि महुआ मोइत्रा पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें अधिकतम सजा सात साल से कम है। ऐसे मामलों में यदि आरोपी जांच में सहयोग करता है तो उसे सख्त कार्रवाई से संरक्षण मिल सकता है। इसी आधार पर अदालत ने अंतरिम राहत दी। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि महुआ मोइत्रा को पुलिस के नोटिस का पालन करना होगा और जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होकर पूछताछ में सहयोग करना होगा।

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महुआ मोइत्रा और राज्य सरकार ने अदालत में क्या दलील दी?

महुआ मोइत्रा के वकील अयान भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि सांसद इस समय दिल्ली में हैं और संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इसलिए वह 13 अगस्त तक जरूरत पड़ने पर वर्चुअल माध्यम से जांच में शामिल हो सकती हैं और 14 अगस्त से व्यक्तिगत रूप से जांच अधिकारी के सामने पेश होंगी। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता सुरोजित नाथ मित्रा ने इस याचिका का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि महुआ मोइत्रा पहले जारी किए गए चार नोटिसों के बावजूद जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुई थीं।

अदालत ने पुलिस को और क्या निर्देश दिए?

सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा के वकील ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस पर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस को निर्देश दिया कि जब महुआ मोइत्रा जांच अधिकारी के सामने पेश हों तो उनके साथ किसी तरह की अभद्र घटना, जैसे अंडे फेंकने जैसी घटना, न होने दी जाए। अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। अब इस मामले में सभी की नजर 14 अगस्त को होने वाली पूछताछ और 1 अक्तूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी।

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