Mahesh Jethmalani: महेश जेठमलानी का आरोप- सीमा मुद्दों पर भारत की स्थिति को चुनौती दे रहे हैं जयराम रमेश
वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि इस तरह की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति को लेकर चिंता होनी चाहिए। अगर कोई भारत विरोधी और चीन के समर्थन में पक्ष ले रहा है, तो इस पर विचार होना चाहिए कि क्या वह भारत के लिए चिंता कर रहा है या किसी हित के लिए ऐसा बोल रहा है।
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वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर हमला बोला है। उन्होंने रमेश को चीन का समर्थक कहकर संबोधित किया है। जेठमलानी ने कहा, यह बहुत स्पष्ट है। मैंने एक लिंक साझा किया है जिसमें चीनी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं और भारत सरकार से कह रहे हैं कि वह जो कह रहे हैं उस पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि एक भारतीय के रूप में मुझे चिंता है कि वह संवेदनशील सीमा मुद्दों पर भारत की स्थिति को चुनौती दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की पृष्ठभूमि वाले किसी व्यक्ति को लेकर चिंता होनी चाहिए। अगर कोई भारत विरोधी और चीन के समर्थन में पक्ष ले रहा है, तो इस पर विचार होना चाहिए कि क्या वह भारत के लिए चिंता कर रहा है या किसी हित के लिए ऐसा बोल रहा है।
भाजपा के राज्यसभा सदस्य महेश जेठमलानी ने कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश की किताब का हलावा दिया है, जिसमें उन्होंने भारत में चीनी दूरसंचार कंपनी हुआवेई की गतिविधियों की कथित तौर पर पैरवी की थी। रमेश की किताब के अंश को साझा करते हुए भाजपा नेता ने ट्वीट किया, वर्ष 2005 के बाद से जयराम रमेश चीनी टेलीकॉम कंपनी हुआवेई की भारत में गतिविधियों के लिए पैरवी कर रहे हैं। सुरक्षा खतरे के कारण कई देशों में हुआवेई को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जयराम अब भारत सरकार के चीन के रुख पर सवाल उठाते हैं। पहले उन्हें हुआवेई के साथ अपने संबंधों का खुलासा करना चाहिए।
जेठमलानी ने साझा किया जयराम रमेश की किताब का अंश
जेठमलानी द्वारा साझा किए गए जयराम रमेश की किताब के अंश में लिखा है, चीनियों को लगता है कि भारत सरकार व्यापार वीजा देने के मामले में, चीनी विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी देने और सार्वजनिक निविदाओं में हासिल किए गए अनुबंधों में बेवजह बाधा डाल रही है। चीनी नेटवर्किंग प्रमुख हुआवेई टेक्नोलॉजीज की बेंगलुरु में बड़ी उपस्थिति है और अपना विस्तार करना चाहती है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की बेचैनी बाधा बन रही है।