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Politics: 'कोई कैसे कह सकता है कि चुनाव में मेरा फैक्टर फेल हुआ?' मराठवाड़ा में महायुति की जीत पर बोले जरांगे
Sun, 24 Nov 2024 03:43 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sun, 24 Nov 2024 03:43 PM IST
सार
महाराष्ट्र चुनाव में महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटों पर जीत दर्ज की। जिसमें भाजपा ने 132, शिंदे की शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं। वहीं महाविकास आघाड़ी ने सिर्फ 46 सीटें जीतीं। जिसमें कांग्रेस ने 16 और शिवसेना ने 20 सीटें जीतीं।
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ओबीसी आरक्षण एक्टिविस्ट का मनोज जरांगे पर आरोप
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणामों ने विपक्ष के माथे पर वर्तमान और भविष्य दोनों के लिए चिंता की लकीरें खींच दी हैं। राज्य के हर क्षेत्र में चाहें वो विदर्भ हो या मराठवाड़ा हर क्षेत्र में मतदाताओं ने महायुति को बंपर वोट दिया है। चुनाव परिणामों में मराठा आंदोलन की मांग से शुरु हुआ मनोज जरांगे फैक्टर भी बेअसर दिखा। अब इन चुनाव परिणामों पर मनोज जरांगे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब मैंने किसी का समर्थन ही नहीं किया तो मेरी बात कैसे फेल हो सकती है।
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क्या बोले मनोज जरांगे
मनोज जरांगे ने कहा कि कोई कैसे कह सकता है कि विधानसभा चुनावों में जारंग फैक्टर विफल रहा। जब मैंने चुनाव भी नहीं लड़ा और न ही किसी का समर्थन किया? मैंने मराठा समुदाय को इन राजनीतिक दलों के चंगुल से मुक्त कराया। मराठा समुदाय अपनी पसंद के अनुसार वोट देने के लिए स्वतंत्र था। मेरा ध्यान मराठों को सशक्त बनाने पर है। इस दौरान उन्होंने नतीजों पर संतोष जताते हुए कहा कि 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा के लिए 204 मराठा चुने गए हैं। यह अच्छा है।
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मराठवाड़ा में महायुति के समर्थन में रहे परिणाम
महायुति ने मराठवाड़ा क्षेत्र की 46 में से 40 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें जालना की वो पांच सीटें भी शामिल थीं, जो नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए कोटा के लिए जरांगे के आंदोलन का केंद्र थीं।
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लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद जरांगे को लेकर हुआ था ये दावा
इस साल हुए लोकसभा चुनावों में महायुति के खराब प्रदर्शन का श्रेय काफी हद तक जरांगे के विरोध को दिया गया था। वहीं, 20 नवंबर के विधानसभा चुनावों से पहले, जरांगे ने नियमित रूप से उम्मीदवारों को मैदान में उतारने या मराठा समुदाय की आरक्षण की मांगों का विरोध करने वालों को हराने के लिए अपील की थी।
एक नजर चुनावी नतीजों पर
महाराष्ट्र चुनाव में महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटों पर जीत दर्ज की। जिसमें भाजपा ने 132, शिंदे की शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं। वहीं महाविकास आघाड़ी ने सिर्फ 46 सीटें जीतीं। जिसमें कांग्रेस ने 16 और शिवसेना ने 20 सीटें जीतीं।
शिंदे की सेना ने 36 सीटों पर उद्धव गुट को दी मात
अब इस बात को ऐसे समझिए कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने महाराष्ट्र चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को 36 सीटों पर हराया। जिससे इस बात पर जनता का रूख सामने आता हुआ दिखा कि असली शिवसेना वही है जिसे दिवंगत बाल ठाकरे ने स्थापित किया था या नहीं।
एक नजर जीत हार के समीकरण पर
एक तरफ महायुति गठबंधन का हिस्सा एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 81 सीटों पर चुनाव लड़ी जिसमें 57 सीटों पर अपना कब्जा जमाया। दूसरी ओर महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने 95 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे जिसमें केवल 20 सीटें ही जीती। देखा जाए तो केवल 14 सीटों पर उसने शिंदे के उम्मीदवारों को हराया।