Vice President: उपराष्ट्रपति धनखड़ बोले- महात्मा गांधी महापुरुष, नरेंद्र मोदी इस शताब्दी के युग पुरुष
Vice President: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में एक समानता है कि ये दोनों ही श्रीमद राजचंद्र का हृदय से सम्मान करते हैं। राजचंद्र जितना महत्वपूर्ण व्यक्तित्व इतिहास में मिलना मुश्किल है।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को महापुरुष और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युग पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि गांधी ने सत्याग्रह और अहिंसा से हमें अंग्रेजों की गुलामी से छुटकाया दिलाया था, जबकि प्रधानमंत्री मोदी देश को उस रास्ते पर लाए हैं, जिस पर हम सदियों से देश को देखना चाहते थे।
धनखड़ ने कहा कि महात्मा गांधी पिछली शताब्दी के महापुरुष थे और नरेंद्र मोदी इस शताब्दी के युग पुरुष हैं। वह जैन दार्शनिक श्रीमद राजचंद्र जयंती ‘आत्मकल्याण दिवस’ पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में एक समानता है कि ये दोनों ही श्रीमद राजचंद्र का हृदय से सम्मान करते हैं। राजचंद्र जितना महत्वपूर्ण व्यक्तित्व इतिहास में मिलना मुश्किल है। श्रीमद राजचंद्र मिशन लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं, लोगों का जीवन बदल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत सदियों से महापुरुषों की जननी रहा है। भारत विश्व संस्कृति का केंद्र है। भारत की सभ्यता 5000 वर्षों से भी प्राचीन है। दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जिसकी सभ्यता इतनी प्राचीन और समृद्ध हो जितना कि हमारे देश की। उन्होंने कहा कि आज के दिन की खासियत देखिए श्रीमद् राजचंद्र की जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और प्रकाश पर्व इन तीनों का एक दिन पर मिलन हमारी सांस्कृतिक गहराई को इंगित करता है।
शांति की खोज में हमारे देश आते हैं दुनिया के लोग
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारी ताकत हमारा आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कृति है। दुनिया के महान देशों के लोग शांति की खोज में हमारे देश में आते हैं और यह देखकर बहुत सुकून मिलता है। भारत सदियों से संस्कृति और सभ्यतागत लोकाचार का केंद्रबिंदु रहा है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी सिर्फ मनुष्य मात्र के लिए नहीं है। यह धरा सभी प्राणियों के लिए है। वसुधैव कुटुंबकम का ध्येय वाक्य एक पृथ्वी एक परिवार एक भविष्य इसे आत्मसात करता है।
भारत प्रतिभाशाली देश
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा उन्हें उनका अधिकार मिलेगा। पीएम मोदी ने बहुत महान काम किया है, अमृत काल में उन सब लोगों को ढूंढ निकला है जिन लोगों ने देश की आजादी के लिए त्याग और बलिदान किया। भारत की दुनिया में आज एक अलग पहचान है। भारत 140 करोड़ की जनसंख्या वाला एक प्रतिभाशाली देश है।
शिक्षा, समानता और अच्छे व्यवहार से देश में बदलाव
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि देश में बदलाव शिक्षा, समानता और अच्छे व्यवहार से आता है। यदि सड़क पर हमारा आचरण कानून के अनुरूप होगा तो दुनिया देखेगी कि भारत बदल गया है। मुंबई शहर सड़कों पर अपने अनुशासन के लिए जाना जाता है।
संसद में शोर शराबा और व्यवधान
धनखड़ ने कहा कि जो लोकतंत्र के मंदिर बहस, चर्चा और विचार विमर्श की परंपराओं से फलने फूलने चाहिए, वहां शोर-शराबा और व्यवधान होता है। संविधान सभा का जिक्र करते हुए कहा कि जब संविधान का निर्माण हुआ तो संविधान सभा में तीन साल तक बहस चली, चर्चा हुई। वहां बहुत से विभाजनकारी मुद्दे थे लेकिन किसी भी प्रकार का शोर-शराबा नहीं हुआ, हंगामा नहीं हुआ। कोई वेल में नहीं आया, किसी ने प्लेकार्ड नहीं दिखाए।
तेजी से बढ़ रहा भारत
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। भारत ने यूके और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया है और वर्ष 2030 तक जापान और जर्मनी को भी पीछे छोड़ देगा। दुनिया की 20 बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों में भारत के लोग महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित कर रहे हैं। भारत तेज गति से विकास कर रहा है। जल, थल और नभ तीनों में तेज गति से तरक्की कर रहा है।
कुछ ताकतों को हमारा विकास हजम नहीं हो रहा
उन्होंने कहा कि जब देश या कोई व्यक्ति बहुत आगे जाता है तो कुछ लोग खिलाफत में उतर आते हैं। कुछ शक्तियां हमारे देश के विकास को रोकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां हमारे देश के विकास को हजम नहीं कर पा रही हैं, कुछ लोगों का हाजमा खराब हो गया है, जब भी देश में कोई अच्छा काम होता है तो वह एक दूसरे ही मोड में चले जाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए, ऐसी स्थिति में आप जैसे महानुभाव चुप नहीं रह सकते, यह खतरा बहुत बड़ा है यह खतरा छोटा नहीं है, देश को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
ऐतिहासिक उपलब्धियों पर करें गर्व
उन्होंने कहा कि देश में हम एक ऐसी संस्कृति विकसित करें जिसमें सभी लोग राष्ट्र को सर्वोच्च रखें। हमें भारतीयता में विश्वास करना चाहिए। हमें भारतीय होने पर गर्व करना चाहिए। हमें हमारी ऐतिहासिक उपलब्धियां पर गर्व करना चाहिए। हमने जिस चीज का सपना नहीं देखा था, कभी कल्पना नहीं की थी, आज वह सब जमीनी हकीकत है।