Maharashtra: नागपुर में विषाक्त खाने से 34 लोग बीमार, 11 की हालत गंभीर; ठाणे में अस्पताल की लापरवाही उजागर
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर के एक अस्पताल के एक चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किया गया व्यक्ति उस समय जग गया जब उसका परिवार उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था।परिजनों ने शनिवार को बताया कि पीलिया से पीड़ित अभिमन्यु तायडे को बेचैनी की शिकायत के बाद स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टर ने मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया, जिसके बाद परिवार ने उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी, इसी दौरान अभिमन्यु तायडे जाग गए। अस्पताल के एक डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकार की, लेकिन दावा किया कि उन्होंने ‘‘मानवीय आधार’’ पर मृत्यु प्रमाण पत्र दिया था, जब परिवार ने स्वयं बताया था कि तायडे की मौत हो गई है। तायडे फिलहाल दूसरे अस्पताल में उपचाराधीन हैं। अस्पताल की लापरवाही के संबंध में क्या कार्रवाई की जाएगी, यह जानने के लिए उल्हासनगर नगर निगम के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
शादी में विषाक्त खाने से 34 लोग बीमार, 11 की हालत गंभीर
नागपुर में शुक्रवार को एक शादी समारोह में विषाक्त भोजन करने से 34 लोग बीमार हो गए। इनमें से 11 की हालत गंभीर है, जिन्हें नागपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला भिवापुर का है। एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब 3 बजे उल्टी और पेट दर्द होने लगा। विधायक संजय मेश्राम पीड़ितों से मिलने और स्थिति की निगरानी करने के लिए अस्पताल गए। भिवापुर पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
प्रिसिंपल की जातिसूचक गालियों से आहत नर्सिंग छात्र ने कर ली खुदकुशी
नवी मुंबई में एक नर्सिंग कॉलेज के छात्र ने हॉस्टल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि कॉलेज की प्रिंसिपल अक्सर उसे जाति सूचक गालियां देती थीं और उसकी मर्दानगी पर टिप्पणियां करती थीं, जिससे वह आहत था। छात्र की मां की शिकायत पर पुलिस ने मंगलवार को महिला प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया। उन पर छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित छात्र अनुसूचित जाति से संबंधित था और पनवेल इलाके के पोयंगे गांव में स्थित निजी कॉलेज में बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष का छात्र था। तीन जून को उसने अपने हॉस्टल के कमरे में बेल्ट के जरिये खिड़की की ग्रिल से लटककर खुदकुशी कर ली। प्राथमिकी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से कॉलेज की प्रिसिंपल अन्य छात्रों के सामने ही उसे अपमानित कर रही थी।
ठाणे : इंस्पेक्टर ने अर्जित की 3.4 करोड़ की संपत्ति, केस दर्ज
नवी मुंबई में एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ 3.4 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति अर्जित करने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। उल्वे पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने दिसंबर 2013 से अक्तूबर 2024 तक की आरोपी की वित्तीय स्थिति की जांच की। इसमें पाया गया कि उसने कुल 3,48,40,279 रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उसके वैध स्रोतों से प्राप्त आय की तुलना में लगभग 297 फीसदी अधिक है।
कल्याण-डोंबिवली के सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड तैयार
महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में हाल ही में हुई वृद्धि के बीच, ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दो सरकारी अस्पतालों में 15 आइसोलेशन बेड तैयार किए हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र में बुधवार को कोविड-19 के 107 नए मामले सामने आए, जिससे इस साल अब तक राज्य में पाए गए कुल वायरल संक्रमणों की संख्या 1,700 हो गई। इसके अलावा, पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के दो और मरीजों की मौत भी दर्ज की गई, जिससे जनवरी से अब तक मरने वालों की संख्या 21 हो गई।
महानगर के गोरेगांव उपनगर क्षेत्र में माता-पिता के गेम खेलने के लिए मोबाइल नहीं देने से नाराज 14 साल की एक लड़की ने अपने घर में कपड़े के टुकड़े से फांसी लगाकर जान दे दी। यह घटना आरे कॉलोनी इलाके में हुई। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि लड़की पहचान लक्ष्मीदेवी गुलाब यादव के रूप में हुई है जो आरे कॉलोनी के यूनिट 22 की निवासी थी। अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम को उसके माता-पिता ने उसे मोबाइल फोन देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और दरवाजे की कुंडी से कपड़ा बांधकर फांसी लगा ली। उसे तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।