Maharashtra Updates: मुंबई में सभी धर्मस्थल लाउडस्पीकर मुक्त; अमरावती में पुलिस अधिकारी की चाकू घोंपकर हत्या
मुंबई के पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने शनिवार को कहा कि शहर के धर्म स्थलों से लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं। मुंबई में अब सभी धर्म स्थल लाउडस्पीकर से मुक्त हैं। यह कार्रवाई इस साल जनवरी में मुंबई हाईकोर्ट की तरफ से एक आदेश जारी किए जाने के बाद की गई है, जिसमें पुलिस को ध्वनि प्रदूषण के मानदंडों और नियमों का उल्लंघन करने वाले विभिन्न लाउडस्पीकर के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।
पुलिस आयुक्त ने चुनिंदा ढंग से निशाना बनाने के दावों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि किसी एक विशेष समुदाय के धार्मिक ढांचों को निशाना नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह अभियान उचित और मनमानी रहित कार्रवाई करने के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के अनुरूप व्यवस्थित तरीके से चलाया गया। भारती ने बताया कि इन उपायों को लागू करने से पहले सामुदायिक, धार्मिक और राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया और उन्हें समझाया गया।
मुंबई- पूर्व सिमी पदाधिकारी साकिब नचन का निधन
पूर्व स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के पदाधिकारी साकिब नचन का दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। उन्हें ब्रेन हैमरेज (मस्तिष्क में रक्तस्राव) हुआ था और हालत बिगड़ने पर उन्हें तिहाड़ जेल से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह महाराष्ट्र के ठाणे जिले के पडघा क्षेत्र के रहने वाले थे। 2023 में एनआईए ने आईएसआईएस के खिलाफ कार्रवाई में पडघा से उन्हें गिरफ्तार किया था।
मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ता हिंदी 'थोपे जाने' वाले जीआर को जलाएंगे
महाराष्ट्र में इन दिनों हिंदी को लेकर सियासत तेज है। इस बीच, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले यानी 29 जून को राज्य के स्कूलों में हिंदी भाषा पर सरकारी प्रस्ताव (जीआर) को जलाने को कहा है। पार्टी विभागप्रमुख संतोष शिंदे ने कहा कि दक्षिण मुंबई में जी.आर. की प्रतियां जलाए जाने के समय ठाकरे मौजूद रहेंगे।
पुणे पॉर्श हादसा : 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई शुरू
पुणे के पॉर्श कार दुर्घटना मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई शुक्रवार से शुरू हो गई। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि रक्त के नमूने बदलने से जुड़ा उनके पास ठोस डीएनए सबूत है। गौरतलब है कि बीते साल 19 मई को पॉर्शे कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। इस वजह से आईटी पेशेवर अनिश अवधिया और उनकी दोस्त आश्विनी कोस्टा की मौत हो गई थी। पोर्श कार को नशे में धुत एक नाबालिग चला रहा था।
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर उस समय सुर्खियों में आया जब पुलिस ने मामले को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयासों का खुलासा किया था। इसमें शराब परीक्षण को नकारने के लिए किशोर के रक्त के नमूने को उसकी मां के रक्त के नमूने से बदलना भी शामिल था। विशेष लोक अभियोजक अधिवक्ता शिशिर हिरे ने अदालत में कहा कि सभी 10 आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए गए हैं और इन्हीं के आधार पर आरोप तय किए जाने चाहिए। आरोपियों में नाबालिग के माता-पिता, सासून अस्पताल के डॉ. अजय तावड़े व डॉ. श्रीहरी हलनोर, स्टाफ अतुल घाटकांबले, दलाल बशपक मकंदर व अमर गायकवाड़ तथा आदित्य अविनाश सूद, आशीष मित्तल और अरुण कुमार सिंह शामिल हैं। नाबालिग की मां जमानत पर है, जबकि अन्य 9 जेल में हैं।
भिवंडी से एक ऑप्टिशियन को 27 वर्षीय महिला मित्र का दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी और महिला के बीच प्रेम संबंध थे। शिकायतकर्ता ने एफआईआर में बताया कि आरोपी ने खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर अप्रैल से जून के बीच उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। आगे की जांच जारी है।
पांच ड्राइवरों पर चोरी का केस
नवी मुंबई पुलिस ने निर्यात के लिए जेएनपीटी जा रहे खेप से 16 लाख रुपये मूल्य का माल चुराने के आरोप में एक ट्रक के पांच चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपी व्यक्तियों ने नवंबर 2024 और जनवरी 2025 के बीच ट्रक में जीपीएस बंद करके लाल मिर्च और चावल की खेप कथित तौर पर चुरा ली। उन्होंने बताया कि 23 जून को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस जांच कर रही है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इंटेलिजेंस और अहिल्यानगर पुलिस के संयुक्त अभियान में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से देश में रहने के आरोप में पकड़ा गया है। तीनों अहिल्यानगर जिले के पोखरदी गांव में निर्माणाधीन स्थल पर काम कर रहे थे। इनकी पहचान 34 वर्षीय जहांगीर शेख, 40 वर्षीय हनीफ खालिद और 40 वर्षीय मुश्रीफ शेख के रूप में हुई है।
एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने कहा, जांच में पाया गया कि वे वैध वीजा या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश किए थे। उनके पास से जाली आधार कार्ड और अन्य फर्जी दस्तावेज मिले हैं। तीनों को भारतीय न्याय संहिता और विदेशी अधिनियम 1946 के तहत गिरफ्तार किया गया।
महाराष्ट्र में 51 IPS और 81 राज्य पुलिस अधिकारियों का तबादला
महाराष्ट्र के गृह विभाग ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। इसमें 51 आईपीएस (आईपीएस) और 81 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के नाम शामिल हैं। ये तबादले मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक और छत्रपति संभाजीनगर जैसे प्रमुख शहरों में हुए हैं। पुणे के हथियार निरीक्षण शाखा में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात तेजस्वी सातपुते को अब राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) ग्रुप 1, पुणे का कमांडर बनाया गया है। ठाणे शहर में तैनात डीसीपी महेन्द्र पंडित को मुंबई ट्रांसफर किया गया है।
पुणे की डीसीपी स्मार्टना पाटिल को खंडाला के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया है, जबकि ट्रैफिक डीसीपी अमोल झेंडे को एसआरपीएफ, दौंड का कमांडर नियुक्त किया गया है। कोल्हापुर के एसपी तुषार पाटिल को मुंबई में डीसीपी के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके अलावा विजय पवार, सुनील लोखंडे, नम्रता पाटिल और स्मिता पाटिल को भी मुंबई में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) के पद पर नियुक्त किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कुल 5 आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति के साथ मुंबई में डीसीपी के तौर पर तैनाती दी गई है।
पुणे के पिंपरी चिंचवड़ में एक 29 वर्षीय फर्जी बाबा को काला जादू और छिपकर अश्लील हरकतें देखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी का नाम प्रसाद भीमराव तामदार है। वह बवधन इलाके में एक आश्रम चलाता था और ज्योतिष व आध्यात्मिक समाधान का दावा करता था। वह लोगों से 'एयर ड्राइड किड' नाम का मोबाइल ऐप डाउनलोड कराता था, जिससे वह लोगों की निजी गतिविधियां चुपचाप देख सकता था। उसने कई लोगों को वेश्याओं के साथ शारीरिक संबंध बनाने को उकसाया और उन्हें रिकॉर्ड किया। पुलिस को चार शिकायतें मिली हैं और आरोपी ने पैसे भी ठगे। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और महाराष्ट्र काला जादू विरोधी कानून, 2013 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार अब खनन गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए उन्नत LiDAR तकनीक वाले ड्रोन का उपयोग करेगी। यह प्रक्रिया पुणे जिले में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की जा रही है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि 'मुरुम, पत्थर और रेत जैसे खनिजों की खुदाई बड़े पैमाने पर हो रही है, लेकिन सरकार को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल रहा। कागजों और वास्तविक खुदाई में बड़ा फर्क है।' LiDAR तकनीक से लैस ड्रोन खनन क्षेत्रों की सटीक मैपिंग और माप ले सकेंगे। इससे राजस्व में पारदर्शिता आएगी और सरकार की आमदनी बढ़ेगी। वहीं अवैध खनन को रोकने में मदद मिलेगी क्योंकि ड्रोन से सीधे सबूत जुटाए जा सकेंगे।
शनिवार शाम को पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती जिले में हमलावरों के एक समूह ने एक पुलिस अधिकारी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी, जिसके बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। मामले में एक अधिकारी ने बताया कि चार अन्य फरार हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ित सहायक पुलिस उपनिरीक्षक अब्दुल कलाम अब्दुल कादर वलगांव पुलिस थाने में तैनात थे।
अधिकारी ने बताया कि शाम करीब साढ़े पांच बजे नवसारी में मोटरसाइकिल चलाते समय एक चार पहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और फिर उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि हमलावरों में से दो को पकड़ लिया गया है, जबकि चार अन्य फरार हैं। अमरावती के पुलिस आयुक्त अरविंद चावरिया ने घटना की पुष्टि की, लेकिन कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
पुलिस ने ठाणे जिले में एक फ्लैट से 2.12 करोड़ रुपये मूल्य की 1.93 किलोग्राम नशीली दवाएं (मेफेड्रोन) दवा जब्त की है। मामले में एक युवती सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त (जोन तृतीय, कल्याण) अतुल जेंडे ने बताया कि पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ नेटवर्क के बारे में गुप्त सूचना मिलने पर गुरुवार रात डोंबिवली के पास खोनी गांव स्थित फ्लैट पर छापा मारा। 21 वर्षीय महिला को मौके पर ही पकड़ लिया गया। उसके दो पुरुष साथी भाग गए, लेकिन बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी एक संगठित ऑपरेशन के सदस्य हैं, जिसमें दो व्यक्ति कथित तौर पर नशीली दवाओं की आपूर्ति और रसद का प्रबंधन करते थे, जबकि महिला ने इसके स्थानीय वितरण और डिलीवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
जालना जिले के एक सरकारी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला के पेट पर जेली की जगह हाइड्रोक्लोरिक एसिड रगड़ दिया गया। अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भोकरदन के सरकारी ग्रामीण अस्पताल में हुई घटना में महिला गंभीर रूप से झुलस गई। अफसरों ने बताया कि खापरखेड़ा गांव की निवासी शीला भालेराव प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचीं तो एक नर्स ने कथित तौर पर प्रसव में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल जैली समझकर हाइड्रोक्लोरिक एसिड लगा दिया। महिला के पेट पर गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन गंभीर चूक के बावजूद उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल के मुताबिक एक सफाई कर्मचारी ने गलती से सफाई में इस्तेमाल होने वाले एसिड को दवा की ट्रे पर रख दिया था। जिला सिविल सर्जन डॉ. आरएस पाटिल ने कहा कि यह लापरवाही का गंभीर मामला है। विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।