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महाराष्ट्र के राज्यपाल की 'जनराज्यपाल' पुस्तक पर पवार का तंज
Wed, 28 Oct 2020 11:15 PM IST
दीप्ति मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Wed, 28 Oct 2020 11:15 PM IST
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एनसीपी प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी
- फोटो : फाइल
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की 'जनराज्यपाल' नामक पुस्तक कॉफी टेबल बुक को लेकर एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार ने उनपर तंज कसा है। पवार ने कहा है कि इस पुस्तक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को धर्मनिरपेक्षता के बारे में दिए गए सलाह का जिक्र नहीं किया गया है। वहीं, पुस्तक में जनराज्यपाल शीर्षक पर भी सवालिया निशान लगाया है।
दरअसल, राज्यपाल ने जनराज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी नामक कॉफी टेबल बुक में अपने एक साल के कामकाज का संक्षिप्त ब्योरा दिया है। बीते 11 सितंबर को इसका विमोचन किया गया था। राज्यपाल ने इसकी एक प्रति शरद पवार को भेजी थी। कॉफी टेबल बुक पढ़ने के बाद शरद पवार ने राज्यपाल को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि पुस्तक में किन चीजों का उल्लेख नहीं किया गया है।
शरद पवार ने पत्र में लिखा है कि भारत के संविधान में जनराज्यपाल का कोई उल्लेख नहीं है। फिर भी कॉफी टेबल बुक में एकाध शपथ ग्रहण समारोह छोड़कर स्वागत समारोह, दीक्षांत समारोह और गणमान्य लोगों के साथ बैठकों का उल्लेख किया गया है। लेकिन इस पुस्तक में धर्मनिरपेक्षता के बारे में उद्धव ठाकरे को दी गई सलाह के बारे में कुछ नहीं लिखा गया है।
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बता दें कि महाराष्ट्र में मंदिर खोलने को लेकर राज्यपाल कोश्यारी ने मुख्यमंत्री ठाकरे को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह विडंबना है कि राज्य में बार और रेस्तरां खुल गए, लेकिन मंदिर अभी तक बंद पड़े हैं। पत्र में उद्धव ठाकरे को लिखा गया था कि आप कट्टर हिंदुत्व के पैरोकार रहे हैं क्या अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं। इसके बाद उद्धव ने भी राज्यपाल को पत्र भेजकर पलटवार किया था। जिस पर काफी विवाद हुआ था। अब शरद पवार ने भी अपने पत्र में इसका जिक्र कर राज्यपाल पर निशाना साधा है।
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दरअसल, राज्यपाल ने जनराज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी नामक कॉफी टेबल बुक में अपने एक साल के कामकाज का संक्षिप्त ब्योरा दिया है। बीते 11 सितंबर को इसका विमोचन किया गया था। राज्यपाल ने इसकी एक प्रति शरद पवार को भेजी थी। कॉफी टेबल बुक पढ़ने के बाद शरद पवार ने राज्यपाल को पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि पुस्तक में किन चीजों का उल्लेख नहीं किया गया है।
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शरद पवार ने पत्र में लिखा है कि भारत के संविधान में जनराज्यपाल का कोई उल्लेख नहीं है। फिर भी कॉफी टेबल बुक में एकाध शपथ ग्रहण समारोह छोड़कर स्वागत समारोह, दीक्षांत समारोह और गणमान्य लोगों के साथ बैठकों का उल्लेख किया गया है। लेकिन इस पुस्तक में धर्मनिरपेक्षता के बारे में उद्धव ठाकरे को दी गई सलाह के बारे में कुछ नहीं लिखा गया है।
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बता दें कि महाराष्ट्र में मंदिर खोलने को लेकर राज्यपाल कोश्यारी ने मुख्यमंत्री ठाकरे को चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह विडंबना है कि राज्य में बार और रेस्तरां खुल गए, लेकिन मंदिर अभी तक बंद पड़े हैं। पत्र में उद्धव ठाकरे को लिखा गया था कि आप कट्टर हिंदुत्व के पैरोकार रहे हैं क्या अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं। इसके बाद उद्धव ने भी राज्यपाल को पत्र भेजकर पलटवार किया था। जिस पर काफी विवाद हुआ था। अब शरद पवार ने भी अपने पत्र में इसका जिक्र कर राज्यपाल पर निशाना साधा है।