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महाराष्ट्र: संत ज्ञानेश्वर और तुकाराम महाराज पालकी मार्ग चार लेन होंगे, पंढरपुर को पीएम मोदी ने दी सौगात
Mon, 08 Nov 2021 04:27 PM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुभाष कुमार
Updated Mon, 08 Nov 2021 04:27 PM IST
सार
पीएम ने इस दौरान भारत में संतों के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, "अतीत पर हमारे भारत पर कितने ही हमले हुए, सैकड़ों साल की गुलामी में ये देश जकड़ा गया, प्राकृतिक आपदाएं आईं, चुनौतियां-कठिनाई आई, लेकिन भगवान विठ्ठल में हमारी आस्था अनवरत चलती रही।"
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संत ज्ञानेश्वर महाराज पालकी मार्ग (NH-965) के पांच खंडों और संत तुकाराम महाराज पालकी मार्ग (NH-965G) के तीन खंडों को चार लेन बनाने की योजना का शिलान्यास किया। पीएम ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा, "आज पंढरपुर को जोड़ने वाला करीब सवा दो सौ किमी लंबे नेशनल हाइवे का भी शुभारंभ हुआ है। इनके निर्माण में करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ये महामार्ग भगवान विठ्ठल के भक्तों की सेवा के साथ-साथ इस पूरे पुण्य क्षेत्र के विकास का मार्ग बनेंगे।"
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पीएम ने इस दौरान भारत में संतों के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, "अतीत पर हमारे भारत पर कितने ही हमले हुए, सैकड़ों साल की गुलामी में ये देश जकड़ा गया, प्राकृतिक आपदाएं आईं, चुनौतियां-कठिनाई आई, लेकिन भगवान विठ्ठल में हमारी आस्था अनवरत चलती रही।"
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मोदी ने आगे कहा, "भगवान विट्ठल का दरबार हर किसी के लिए समान रूप से खुला है। जब मैं सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास कहता हूं, तो उसके पीछे भी तो यही भावना है। यही भावना हमें देश के विकास के लिए प्रेरित करती है, सबको साथ लेकर, सबके विकास के लिए प्रेरित करती है।"
"ये वो भूमि है, जहां भक्तों के लिए भगवान आज भी प्रत्यक्ष विराजते हैं। यहां संत रामदेव जी महाराज ने कहा है कि पंढरपुर तब से हैं, जब संसार की भी रचना नहीं हुई थी। क्योंकि पंढरपुर भौतिक रूप से ही नहीं भावनात्मक रूप से भी हमारे मन में उपस्थित है।"