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प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा: शिंदे-फडणवीस सरकार असंवैधानिक, निरस्त होगी शिंदे गुट के विधायकों की सदस्यता
Sat, 13 May 2023 09:04 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Sat, 13 May 2023 09:04 AM IST
सार
वर्तमान स्पीकर के देरी से फैसले लेने के सवाल पर प्रियंका कहती हैं कि, अगर वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष विधायकों के अयोग्यता के फैसले को टालते हैं तो शिंदे सरकार की ओर सच्चाई सामने आएगी।
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Priyanka Chaturvedi
- फोटो : Social Media
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विस्तार
शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट की नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह साबित हो गया है कि मौजूदा सरकार गैरकानूनी और असंवैधानिक है।
अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि शिवसेना शिंदे गुट का व्हिप गैरकानूनी है। सबकी (शिंदे गुट) सदस्यता निरस्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि व्हिप जारी करने से लेकर मुख्य सचेतक की नियुक्ति और फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाने तक सब कुछ अवैध माना जाता है, तो फिर क्या यह सरकार कानूनी है? शिंदे-फडणवीस और उनके लोगों को ऐसे में मिठाई नहीं बांटनी चाहिए। खुशी नहीं मनानी चाहिए। एकनाथ शिंदे की सरकार एक अवैध सरकार हैं। यदि शिंदे और फडणवीस में थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
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प्रियंका चतुर्वेदी कहती हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जो याचिकाएं थीं वह फिर से अध्यक्ष के पास जाएंगी लेकिन मुख्य सचेतक सुनील प्रभु होंगे क्योंकि दूसरे मुख्य सचेतक को अयोग्य ठहराया गया है। इसका मतलब है कि जो व्हिप सुनील प्रभु ने जारी किया था जिसका उल्लंघन हुआ है वह रिकॉर्ड पर है और इसकी जल्द सुनवाई होगी और इन लोगों (शिंदे गुट) की सदस्यता निरस्त होगी।
वर्तमान स्पीकर के देरी से फैसले लेने के सवाल पर प्रियंका कहती हैं कि, अगर वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष विधायकों के अयोग्यता के फैसले को टालते हैं तो शिंदे सरकार की ओर सच्चाई सामने आएगी। इन लोगों को केवल सत्ता का भोग चाहिए। कोर्ट का फैसला संविधान की जीत है। जल्द हम लोग अपने नेता उद्धव ठाकरे के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद ही आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि, पिछले साल जून में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना में बगावत कर दी थी, जिससे उद्धव ठाकरे की पार्टी टूट गई थी। इसके बाद महाविकास अघाड़ी की सरकार गिर गई थी और उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। महाविकास अघाड़ी की सरकार तत्कालीन शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर चला रही थी। बाद में बहुत नाटकीय तरीके से 30 जून 2022 को शिंदे की सरकार बन गई। फडनवीस को उप मुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा।
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अमर उजाला डॉट कॉम से बातचीत करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ है कि शिवसेना शिंदे गुट का व्हिप गैरकानूनी है। सबकी (शिंदे गुट) सदस्यता निरस्त हो जाएगी।
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उन्होंने कहा कि व्हिप जारी करने से लेकर मुख्य सचेतक की नियुक्ति और फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाने तक सब कुछ अवैध माना जाता है, तो फिर क्या यह सरकार कानूनी है? शिंदे-फडणवीस और उनके लोगों को ऐसे में मिठाई नहीं बांटनी चाहिए। खुशी नहीं मनानी चाहिए। एकनाथ शिंदे की सरकार एक अवैध सरकार हैं। यदि शिंदे और फडणवीस में थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
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प्रियंका चतुर्वेदी कहती हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जो याचिकाएं थीं वह फिर से अध्यक्ष के पास जाएंगी लेकिन मुख्य सचेतक सुनील प्रभु होंगे क्योंकि दूसरे मुख्य सचेतक को अयोग्य ठहराया गया है। इसका मतलब है कि जो व्हिप सुनील प्रभु ने जारी किया था जिसका उल्लंघन हुआ है वह रिकॉर्ड पर है और इसकी जल्द सुनवाई होगी और इन लोगों (शिंदे गुट) की सदस्यता निरस्त होगी।
वर्तमान स्पीकर के देरी से फैसले लेने के सवाल पर प्रियंका कहती हैं कि, अगर वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष विधायकों के अयोग्यता के फैसले को टालते हैं तो शिंदे सरकार की ओर सच्चाई सामने आएगी। इन लोगों को केवल सत्ता का भोग चाहिए। कोर्ट का फैसला संविधान की जीत है। जल्द हम लोग अपने नेता उद्धव ठाकरे के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद ही आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि, पिछले साल जून में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना में बगावत कर दी थी, जिससे उद्धव ठाकरे की पार्टी टूट गई थी। इसके बाद महाविकास अघाड़ी की सरकार गिर गई थी और उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। महाविकास अघाड़ी की सरकार तत्कालीन शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर चला रही थी। बाद में बहुत नाटकीय तरीके से 30 जून 2022 को शिंदे की सरकार बन गई। फडनवीस को उप मुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा।