Maharashtra Politics: सीमा विवाद के बीच तनाव फैलाने वाले ट्विटर खातों की हो जांच, केंद्र से अजीत पवार की मांग
अजीत पवार ने यह भी कहा कि दोनों राज्यों का सीमा विवाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में अगर कर्नाटक के सीएम ने अनुचित टिप्पणी नहीं की होती तो तनाव नहीं बढ़ता।
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महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर उठी आग फिलहाल शांत होती नहीं दिख रही। दोनों राज्यों के सीएम की गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक के बाद गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजीत पवार ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह दोनों राज्यों के सीमा विवाद के बीच, तनाव पैदा करने वाले फर्जी ट्वीटर एकाउंट के पीछे के मास्टरमांइड की जाकारी कराए। वहीं दूसरी ओर, महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार ने बृहस्पतिवार को किसानों के लिए राहत भरा एलान किया है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के पात्र किसानों को उनके दावे के एवज में कम से कम एक हजार रुपये मिलेंगे।
सीमा विवाद के बीच तनाव फैलाने वाले ट्विटर एकाउंट की हो जांच
गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजीत पवार ने कहा कि केंद्र सरकार दोनों राज्यों के सीमा विवाद के बीच, तनाव पैदा करने वाले फर्जी ट्वीटर एकाउंट के पीछे के मास्टरमांइड का पता लगाए। उन्होंने यह मांग महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के दावे का जवाब देते हुए की। दरअसल, राज्य के सीएम एकनाथ शिंदे ने मांग की थी कि महाराष्ट्र के कुछ क्षेत्रों पर दावा करने वाले कर्नाटक के मुख्यमंत्री के नाम से किए गए ट्वीट वास्तव में बसवराज बोम्मई द्वारा पोस्ट नहीं किए गए थे।
इस दौरान अजीत पवार ने यह भी कहा कि दोनों राज्यों का सीमा विवाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में अगर कर्नाटक के सीएम ने अनुचित टिप्पणी नहीं की होती तो तनाव नहीं बढ़ता। ऐसे में अगर सीएम बोम्मई के नाम से किए गए ट्वीट्स फर्जी हैं तो फर्जी ट्विटर अकाउंट के पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाया जाना चाहिए।
किसानों को 1000 रुपये मिलेगा फसल बीमा दावा
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार ने फसल बीमा को लेकर गुरुवार को बड़ा एलान किया। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि फसल बीमा के पात्र किसानों को उनके दावे के एवज में कम से कम एक हजार रुपये जरूर मिलेंगे। उन्होंने आगे बताया कि फसल बीमा के लिए 50 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनकी जांच की जा रही है।
मंत्री सत्तार ने कहा कि हम यह तय करेंगे कि हर किसान को उसके दावे के एवज में कम से कम एक हजार रुपये जरूर मिलें। उन्होंने बताया कि फसल क्षति का आकलन पूरा हो गया है। इतना ही नहीं, 1,902 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया जा चुका है। वितरित की जाने वाली कुल राशि 2,313 करोड़ रुपये है।
13-सदस्यीय समन्वय समिति का गठन
महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को एक मंत्री की अध्यक्षता में एक 13-सदस्यीय समन्वय समिति का गठन कर दिया। समिति राज्य में अतंरजातीय और अंतरधार्मिक शादी करने वाले जोड़ों की जानकारी जुटाएगी। यह कमेटी जोड़े में शामिल उन महिलाओं की भी जानकारी लेगी, जो शादी के बाद से ही अलग-थलग पड़ चुके होंगे। एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) के मुताबिक, अंतरजातीय विवाह-परिवार समन्वय समिति (राज्य स्तर) की अध्यक्षता महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा करेंगे।