महाराष्ट्र का सियासी संकट : 16 विधायकों को अयोग्यता का नोटिस, बागी गुट का नाम शिवसेना बालासाहेब, पुणे में शिवसैनिकों का उपद्रव
महाराष्ट्र के बागी विधायकों ने अपने गुट का नाम शिवसेना बालासाहेब रखने का एलान कर दिया। वहीं, इन्हें मनाने में नाकाम रही शिवसेना का सब्र टूटता दिख रहा है। एक ओर 16 बागी विधायकों को शनिवार को अयोग्य ठहराने संबंधी नोटिस भेजा गया। दूसरी ओर, शिवसैनिकों ने बागी विधायकों और एकनाथ शिंदे के बेटे के कार्यालय को निशाना बनाया।
विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि झिरवाल ने 16 बागी विधायकों को सोमवार को खुद या वकील के जरिये पेश होकर अयोग्यता नोटिस पर जवाब देने के लिए कहा है। वहीं, सीएम उद्धव ठाकरे ने चेतावनी देते हुए कहा, बागी अपने पिता के नाम पर नई पार्टी बनाएं। विधायकों ने इस पर जवाब देते हुए कहा, हमने अलग गुट के तौर पर मान्यता की मांग की है।
उनका गुट किसी पार्टी में विलय नहीं करेगा। उद्धव गुट को इस नाम पर एतराज है तो हम अपने गुट का नाम ‘शिवसेना’ ही रखेंगे। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा, शिवसेना बाल ठाकरे की है और हिंदुत्व व मराठी अस्मिता की विचारधारा को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिवसेना राह से कभी नहीं भटकेगी।
बागियों ने कहा-दूसरी पार्टी में नहीं करेंगे विलय
शिवसेना के 38 बागी विधायकों ने गुवाहाटी में अपने गुट का नया नाम रखने का एलान किया। हालांकि, गुट के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने यह भी कहा कि उनका गुट किसी पार्टी में विलय नहीं करेगा।
- मुंबई के खारघर में शिवसैनिकों ने बागियों का पुतला जलाया।
- पुणे में बागी विधायक तानाजी सावंत के कार्यालय में तोड़फोड़।
- ठाणे में शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे के कार्यालय के बाहर पथराव। पांच शिवसेना कार्यकर्ताओं हिरासत में।
- उस्मानाबाद में शिवसैनिकों ने बागी विधायक ध्यानराज चौगुले के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सुरक्षा हटाई, बागी बोले-सरकार जिम्मेदार
बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे ने आरोप लगाया कि राजनीतिक बदले की भावना से विधायकों और उनके परिवार की सुरक्षा वापस ले ली गई है। किसी विधायक के परिवार को कुछ हुआ तो सरकार जिम्मेदार होगी।
- गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने इस खबर को बकवास बताते हुए कहा कि किसी की सुरक्षा वापस नहीं ली गई है।
बागियों को कल शाम तक का वक्त
बागियों को विधानसभा सचिवालय के जरिये भेजे नोटिस पर विधान भवन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेंद्र भागवत के हस्ताक्षर हैं। नोटिस में कहा गया है कि 27 जून शाम 5.30 बजे तक यदि लिखित जवाब नहीं दाखिल किया गया तो यह माना जाएगा कि आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है।
बालासाहेब का नाम न हो इस्तेमाल
शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने छह प्रस्ताव पारित कर उद्धव ठाकरे को बागी विधायकों पर कार्रवाई के लिए अधिकृत कर दिया। साथ ही कहा, कोई भी शिवसेना और बालासाहेब के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
फडणवीस-शिंदे की मुलाकात
चर्चा है कि शिंदे व भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस की शुक्रवार देर रात करीब दो बजे वडोदरा में मुलाकात हुई। इस दौरान सरकार गठन पर भी चर्चा हुई। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
चुनाव आयोग पहुंचे उद्धव
शिवसेना बालासाहेब दल बनाने के खिलाफ उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग का रुख किया है। पार्टी कार्यकारिणी में पारित प्रस्ताव के अनुसार ठाकरे ने यह कदम किसी दूसरे दल को शिवसेना व बालासाहेब के नाम का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए उठाया है।