{"_id":"626fcc31ebca543bfb68f0e3","slug":"maharashtra-police-register-case-against-e-commerce-firm-for-selling-abortion-kit-illegally","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र: अवैध रूप से गर्भपात किट बेचने का आरोप, ई-कॉमर्स फर्म के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मामला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र: अवैध रूप से गर्भपात किट बेचने का आरोप, ई-कॉमर्स फर्म के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मामला
Mon, 02 May 2022 05:50 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 02 May 2022 05:50 PM IST
सार
एफडीए के अधिकारी ने बताया कि आईपीसी, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुंबई के बांद्रा इलाके में खेरवाड़ी पुलिस आगे की जांच कर रही है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र पुलिस
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने एक प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने ये मामला कथित तौर पर बिना चिकित्सकीय नुस्खे या अन्य वैध दस्तावेज के गर्भपात की दवाएं बेचने के आरोप में दर्ज किया है। सोमवार को एफडीए के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन
एफडीए के सहायक आयुक्त गणेश रोकड़े ने कहा कि उनके विभाग द्वारा ग्राहक बनकर 'मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी)' किट का आर्डर दिया गया। इसके बाद जब बिना डॉक्टर का पर्चा मांगे बिना उनका आर्डर स्वीकार हो गया तो उन्होंने मामला दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि एमटीपी किट वाले कूरियर पार्सल में बिक्री का बिल नहीं था। जब जांच की गई तो सामने आया कि किट की आपूर्ति एक विक्रेता ने की थी, जिसने ओडिशा में एक दवा की दुकान के दस्तावेजों का उपयोग करके ई-कॉमर्स फर्म के साथ पंजीकरण कराया था।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एमटीपी किट, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत एक 'शेड्यूल एच' दवा है और इसे केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही बेचा जा सकता है। साथ ही मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 2002 और नियम, 2003 के अनुसार, प्रशिक्षित व्यक्तियों की देखरेख में ही इस दवा का उपयोग करना अनिवार्य है।
विज्ञापन
एफडीए के अधिकारी ने बताया कि आईपीसी, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुंबई के बांद्रा इलाके में खेरवाड़ी पुलिस आगे की जांच कर रही है।