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Maharashtra: असली NCP किसकी? अब चुनाव आयोग नौ अक्तूबर को करेगा सुनवाई , अजित गुट ने किया ये दावा

Fri, 06 Oct 2023 08:01 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 06 Oct 2023 08:01 AM IST
सार

इसी साल जुलाई की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के लिए चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करने से दो दिन पहले अजित पवार ने 30 जून को निर्वाचन आयोग से संपर्क किया था। उन्होंने पार्टी के नाम के साथ-साथ चुनाव चिह्न पर भी दावा किया था।

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Maharashtra NCP Sharad Pawar vs Ajit Pawar Election Commission hearing today news and updates
अजित पवार और शरद पवार के बीच राकांपा के लिए रस्साकशी। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दोनों पक्षों को सुना। दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट ने राकांपा नेता शरद पवार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था।
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चुनाव आयोग ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दोनों पक्षों को सुना
आयोग ने आगे नौ अक्तूबर को कार्यवाही जारी रखने का फैसला किया। पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा करते हुए निर्वाचन आयोग का रुख करने वाले महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र में राकांपा के 53 में से 42 विधायकों, नौ में से छह विधान परिषद सदस्यों, नगालैंड से सभी सात विधायकों और लोकसभा एवं राज्यसभा के एक-एक सदस्य का समर्थन प्राप्त है। सुनवाई के दौरान शरद पवार की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और अजित पवार की ओर से वरिष्ठ वकील एनके कौल और मनिंदर सिंह मौजूद थे।
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अजित पवार ने आयोग के समक्ष रखी गई अपनी दलील में कहा, याचिकाकर्ता का कहना है कि उसे राकांपा की संगठनात्मक इकाई के साथ-साथ विधायी इकाई में भी भारी समर्थन प्राप्त है और इसलिए माननीय आयोग की ओर से याचिकाकर्ता के नेतृत्व वाले गुट को असली पार्टी की मान्यता देकर वर्तमान याचिका को अनुमति दी जा सकती है। इसी साल जुलाई की शुरुआत में महाराष्ट्र सरकार में शामिल होने के लिए चाचा शरद पवार के खिलाफ बगावत करने से दो दिन पहले अजित पवार ने 30 जून को निर्वाचन आयोग से संपर्क किया था। उन्होंने पार्टी के नाम के साथ-साथ चुनाव चिह्न पर भी दावा किया था और बाद में 40 विधायकों के समर्थन के साथ खुद को पार्टी अध्यक्ष भी घोषित कर दिया था। अजित पवार गुट ने शुक्रवार को आयोग के समक्ष अपने दावे के समर्थन में दलीलें पेश कीं। अजित पवार गुट की माने तो दलीलें सोमवार को भी जारी रहने की संभावना है। शरद पवार के वकील सिंघवी ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि अजित पवार की ओर से किए गए दावे काल्पनिक हैं।
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मतदाता होशियार, चुनाव चिह्न पर फैसला न करें: शरद पवार
चुनाव आयोग की सुनवाई से पहले शरद पवार के नेतृत्व वाले समूह ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान शरद पवार ने अपनी जीत का भरोसा जताया। 82 वर्षीय शरद पवार ने राकांपा की विस्तारित कार्य समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अपनाए गए प्रस्ताव में कहा गया कि पूरी पार्टी शरद पवार के साथ है। पार्टी उनके मार्गदर्शन और दृष्टिकोण के तहत देश में भविष्य के चुनावों की तैयारी कर रही है। 

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि मैंने अलग-अलग पार्टी के प्रतीकों पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। देश का मूड बदल रहा है। आम आदमी होशियार है। भले ही चुनाव चिह्न बदल जाए, लोग अपना मन आसानी से नहीं बदलते। उन्होंने कहा कि मैंने अपना पहला चुनाव 1967 में 'बैल की जोड़ी' चिह्न पर लड़ा था। तीन साल बाद 'चरखा' चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। मैंने 'गाय और बछड़ा', 'हाथ' और 'घड़ी' चुनाव चिन्हों के साथ भी चुनाव लड़ा। हमारा संकल्प उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो असली एनसीपी होने का दावा कर रहे हैं।

अजित गुट के मंत्री ने कहा- हमने पुल जला दिए
महाराष्ट्र के मंत्री और बागी राकांपा नेता हसन मुश्रीफ ने शरद पवार के नेतृत्व वाले पार्टी गुट में लौटने की संभावना से इनकार कर दिया। मुश्रीफ वर्तमान में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान मंत्री हैं। मुशरिफ ने एक मराठी वाक्यांश का इस्तेमाल किया। इसका अर्थ है- अपने पुलों को जलाना। उन्होंने कहा कि निर्णय ले लिया गया है। पीछे हटने की रस्सियां काट दी गई हैं।


एमवीए ने सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए समन्वय पैनल बनाया
इस बीच महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में सहयोगी दलों ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए महाराष्ट्र में सीट बंटवारे पर चर्चा के लिए नौ सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया। इसमें प्रत्येक घटक के तीन नेता शामिल हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने गुरुवार को पैनल के गठन की पुष्टि की।
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