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Maharashtra: इस साल अगस्त तक मराठवाड़ा में 685 किसानों ने की आत्महत्या, कृषि मंत्री के जिले में सबसे ज्यादा

Tue, 12 Sep 2023 09:17 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 12 Sep 2023 09:17 AM IST
सार

मध्य महाराष्ट्र का इस शुष्क क्षेत्र में आठ जिले- औरंगाबाद, जालना, बीड, परभनी, नांदेड, उस्मानाबाद, हिंगोली और लातूर हैं। यहां के डिवीजनल कमिश्नर के दफ्तर की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 

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Maharashtra Marathwada record farmer suicides in 2023 Agriculture Minister's home district on top news updates
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में बढ़ रहे किसानों की आत्महत्या के मामले। - फोटो : Social Media

विस्तार

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। खराब फसल, कर्ज चुकाने का दबाव और खराब माली हालत के चलते यहां साल 2023 में ही 685 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा 31 अगस्त तक का ही है, जिससे अधिकारियों और सरकार की चिंता बढ़ गई है। 
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एक आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, मौतों का सबसे ज्यादा आंकड़ा बीड जिले से है, जहां अब तक 186 किसान मौत को गले लगा चुके हैं। बीड महाराष्ट्र के मौजूदा कृषि मंत्री धनंजय मुंडे का गृह जिला है। मुंडे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार गुट का हिस्सा हैं, जिसने हाल ही में शरद पवार के नेतृत्व को ठुकराते हुए सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने का फैसला किया था। मुंडे को इसके दो हफ्ते बाद ही शिंदे सरकार में कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी मिल गई थी। 
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बता दें कि मध्य महाराष्ट्र का इस शुष्क क्षेत्र में आठ जिले- औरंगाबाद, जालना, बीड, परभनी, नांदेड, उस्मानाबाद, हिंगोली और लातूर हैं। यहां के डिवीजनल कमिश्नर के दफ्तर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जनवरी 2023 से 31 अगस्त 2023 के बीच मराठवाड़ा में 685 किसानों ने आत्महत्या कर ली। इनमें से 294 ने अपनी जान मानसून के महीनों यानी जून से अगस्त के बीच दे दी। 
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मराठवाड़ा का सूखा किसानों के लिए बड़ी समस्या
महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र इस साल भी बारिश की कमी से जूझ रहा है। यहां इस मानसून सीजन में 20.7 फीसदी तक कम बारिश हुई है। क्षेत्र में 11 सितंबर तक 455.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो कि मानसून में होने वाली औसत 574.4 मिमी बारिश से काफी कम है। 


किस जिले में कितने किसानों ने की आत्महत्या?
मराठवाड़ा में सबसे ज्यादा किसानों ने बीड में जान दी। इसके अलावा 2023 में अब तक उस्मानाबाद में 113 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। तीसरा नंबर नांदेड का है, जहां 110 किसानों ने जान दी है। औरंगाबाद में 95, परभनी में 58, लातूर में 51, जालना में 50 और हिंगोली में 22 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।     
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