सौ करोड़ वसूली कांड: सीबीआई जांच के आदेश के तीन घंटे के भीतर गृहमंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा
- इस्तीफे से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का दिया था आदेश
- पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने सौ करोड़ वसूली का लगाया था आरोप
- 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश
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सौ करोड़ वसूली मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की सीबीआई जांच के आदेश के तीन घंटे के भीतर ही महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस्तीफा दे दिया है। अनिल देशमुख मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंपा। पार्टी सुप्रीमो शरद पवार से बात करने के बाद अनिल देशमुख ने अपना इस्तीफा सौंपा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के अगले गृहमंत्री दिलीप पाटिल हो सकते हैं। हालांकि अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अटकलें लगाई जा रही है कि गृहमंत्री दिलीप पाटिल को गृहमंत्रालय का प्रभार सौंपा जा सकता है।
देशमुख पर लगे आरोप बेबुनियाद- मलिक
अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री को लिखी इस्तीफे की चिट्ठी को ट्वीट की । वहीं महाराष्ट्र कैबिनेट के मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि अनिल देशमुख पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और बेबुनियाद है। मलिक ने बताया कि देशमुख ने खुद ही इस पद से इस्तीफा दिया है। देशमुख ने कहा कि वह जांच चलने तक पद पर नहीं रहेंगे।
— ANIL DESHMUKH (@AnilDeshmukhNCP) April 5, 2021
भाजापा ने इस्तीफे की मांग की थी
गृहमंंत्री के इस्तीफे के बाद प्रदेश भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि वह खुश हैं कि देशमुख ने इस्तीफा दे दिया। साथ ही कहा कि सीबीआई जांच में चौंकाने वाले कई सारे खुलासे होंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अनिल देशमुख से इस्तीफे की मांग की थी। फडणवीस ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद गृहमंत्री को जांच के दौरान तक इस्तीफा दे देना चाहिए।
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे शरद पवार से मिलने पहुंचे
महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार से मिलने उनके आवास पहुंचे।
परमबीर सिंह ने सौ करोड़ वसूली का लगाया था आरोप
बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश जारी किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि गृहमंत्री पर वसूली के आरोप लगाए गए हैं। वह बेहद गंभीर है। ऐसे में इसकी जांच सीबीआई से होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सीबीआई डायरेक्टर को सौंपने को कहा है। परमबीर सिंह ने गृहमंत्री देशमुख के खिलाफ हाईकोर्ट में सौ करोड़ रुपए वसूली की याचिका लगाई थी। इसी याचिका पर फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि परमबीर सिंह के आरोप गंभीर हैं। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस जांच की जरूरत है। उच्च न्यायालय ने कहा कि अनिल देशमुख पर ये आरोप लगे हैं इसकी जांच के लिए पुलिस पर निर्भर नहीं रह सकते हैं। इसकी प्राथमिक और निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई की आवश्यकता है।
बता दें कि एंटीलिया केस में मुंबई के पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी के बाद पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले में पूर्व कमिश्नर ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था ।इसमें दावा किया था कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने सचिन वाजे को 100 करोड़ रुपए वसूली का टारगेट दिया था। इसके साथ ही उन्होंने देशमुख पर कई अन्य आरोप भी लगाए थे।