{"_id":"6488a672868542fa7e0286d6","slug":"maharashtra-govt-tells-hc-difficult-to-grant-separate-reservation-for-transgenders-in-education-and-govt-jobs-2023-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 'सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से आरक्षण मुश्किल'; सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 'सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से आरक्षण मुश्किल'; सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी
Tue, 13 Jun 2023 10:55 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 13 Jun 2023 10:55 PM IST
सार
महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन जामदार और न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की खंडपीठ के समक्ष सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने पीठ को बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था करने से सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा भंग हो जाएगी।
विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग से आरक्षण देने के मामले में अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। सरकार ने मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में जानकारी दी है कि इन क्षेत्रों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अलग से आरक्षण देना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन जामदार और न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की खंडपीठ के समक्ष सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने पीठ को बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था करने से सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा भंग हो जाएगी। सराफ ने कहा, आरक्षण की सीमा को ध्यान में रखते हुए ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त आरक्षण प्रदान करना मुश्किल लगता है।
विज्ञापन
अदालत विनायक काशिद नामक ट्रांसजेंडर की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और प्रौद्योगिकी (इलेक्ट्रिकल पावर सिस्टम इंजीनियरिंग) में स्नातकोत्तर है। वह भर्ती प्रक्रिया में ट्रांसजेंडर को शामिल करने के लिए इस साल मई में महाट्रांसको की ओर से जारी किए गए विज्ञापन में संशोधन की मांग कर रहा है।
विज्ञापन
काशिद के वकील एल.सी. क्रांति ने पहले अदालत को सूचित किया था कि कर्नाटक में सभी जाति श्रेणियों में ट्रांसजेंडर के लिए एक प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है, और अनुरोध किया था कि ऐसी आरक्षण नीति महाराष्ट्र में भी अपनाई जाए। पीठ ने याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी, ताकि (मुद्दे पर गठित) राज्य सरकार की विशेषज्ञ समिति पहले आरक्षण के पहलू पर विचार करे।
राज्य सरकार ने इस साल मार्च में रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में ट्रांसजेंडर की भर्ती के लिए एक शासकीय प्रस्ताव (जीआर) जारी किया था। जीआर में कहा गया है कि सामाजिक न्याय विभाग के तहत 14 सदस्यों वाली एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। इन सभी 14 सदस्यों में ज्यादातर राज्य के विभिन्न विभागों के सचिव और मनोवैज्ञानिक शामिल हैं।