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महाराष्ट्र सरकार ने दी किसानों को फौरी राहत, बुआई के लिए मिलेंगे 10 हजार रुपये नकद
amarujala.com- Presented by: अनंत पालीवाल
Updated Tue, 13 Jun 2017 02:07 PM IST
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महाराष्ट्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए प्रदेश भर के 31 लाख किसानों को बुआई के लिए आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार ने कहा कि प्रत्येक किसान को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
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सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 31 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिलेगा। वहीं राज्य सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। फिलहाल सरकार के ऊपर 3.50 लाख करोड़ रुपये का बोझ है। सरकार ने इससे पहले किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी।
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रविवार को की थी फंड बनाने की घोषणा
फड़नवीस सरकार ने रविवार को कर्ज माफी के साथ-साथ किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रु के फंड की घोषणा की है। पिछले दिनों ही महाराष्ट्र के गरीब किसानों का तकरीबन 4 लाख करोड़ का कर्ज माफ किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, बड़े स्तर पर कर्ज माफ करने के चलते सरकार पर 32 हजार करोड़ रुपये का बोझ आ गया है। वरिष्ठ मंत्रियों का समूह इस बात को लेकर चर्चा कर रहा है कि किसानों के साथ कर्ज माफी वाले किसान को भी आने वाले पांच सालों के लिए बैंक लोन की सुविधा देगा जिससे ये बोझ प्रत्येक साल के लिए 6 हजार करोड़ का बैठेगा।
वहीं, समूह के एक मंत्री के अनुसार, सरकार बैंक को भविष्य के लिए बॉन्ड्स के रुप में गारन्टी देगी। उन्होंने दावा किया कि देश के कई निजी और सरकारी बैंकों ने इस पर सहमति भी जताई है। बता दें कि सरकार महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस समूह का गठन किसानों की पैसों की समस्याओं को सुलझाने के लिए किया है।
दरअसल, मुंबई में पट्टे पर संपत्ति और इसके उपनगरों से सरकार को आय में अधिक मुनाफा होने वाला है जिसके चलते सरकार के पास पैसों की भी कमी नहीं रहेगी। खबर है कि पिछले साल बड़े स्रोतों से कम जमा के चलते महाराष्ट्र सरकार को 14 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हुआ था। वहीं, नोटबंदी के दौरान भी भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के 500 मीटर के दायरे में शराब बेचने पर भी रोक लगा दी थी जिसकी वजह से भी सरकारी जमा पर खासा प्रभाव पड़ा था।
आंकड़ों के मुताबिक, बड़े स्तर पर कर्ज माफ करने के चलते सरकार पर 32 हजार करोड़ रुपये का बोझ आ गया है। वरिष्ठ मंत्रियों का समूह इस बात को लेकर चर्चा कर रहा है कि किसानों के साथ कर्ज माफी वाले किसान को भी आने वाले पांच सालों के लिए बैंक लोन की सुविधा देगा जिससे ये बोझ प्रत्येक साल के लिए 6 हजार करोड़ का बैठेगा।
वहीं, समूह के एक मंत्री के अनुसार, सरकार बैंक को भविष्य के लिए बॉन्ड्स के रुप में गारन्टी देगी। उन्होंने दावा किया कि देश के कई निजी और सरकारी बैंकों ने इस पर सहमति भी जताई है। बता दें कि सरकार महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस समूह का गठन किसानों की पैसों की समस्याओं को सुलझाने के लिए किया है।
दरअसल, मुंबई में पट्टे पर संपत्ति और इसके उपनगरों से सरकार को आय में अधिक मुनाफा होने वाला है जिसके चलते सरकार के पास पैसों की भी कमी नहीं रहेगी। खबर है कि पिछले साल बड़े स्रोतों से कम जमा के चलते महाराष्ट्र सरकार को 14 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हुआ था। वहीं, नोटबंदी के दौरान भी भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के 500 मीटर के दायरे में शराब बेचने पर भी रोक लगा दी थी जिसकी वजह से भी सरकारी जमा पर खासा प्रभाव पड़ा था।