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महाराष्ट्रः 15 अगस्त से पहले बड़ी साजिश का पर्दाफाश, हमले के लिए नक्सलियों ने बिछाई थी बारूदी सुरंग
Wed, 12 Aug 2020 03:21 PM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 12 Aug 2020 03:21 PM IST
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गोंदिया पुलिस ने आईईडी विस्फोटक बरामद किया
- फोटो : ANI
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महाराष्ट्र की पुलिस ने 15 अगस्त से पहले राज्य में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। गोंदिया जिले में नक्सिलयों ने गस्त के लिए जाने वाली पुलिस पार्टी पर हमले के लिए बारूदी सुरंग बिछाई थी। समय रहते पुलिस को इसकी भनक लग गई जिससे स्वतंत्रता दिवस से पहले घात लगाकर पुलिस पार्टी पर हमले की योजना विफल हो गई है।
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गोंदिया पुलिस ने उस बारूदी सुरंग को ढूढ निकाला जिसे नक्सलियों ने एक बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के लिए बिछाया था। नक्सलियों ने गोंदिया जिले के अतिदुर्गम क्षेत्र धनेगांव से मुरकुट डोह जाने वाले मार्ग पर जंगल के बीच गुप्त ठिकाने पर बारूदी सुरंग छिपा रखा था। खबरी से इसकी सूचना मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक मंगेश शिंदे और अपर पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी के नेतृत्व में पुलिस की टीम और 60 कमाडों दस्ता मंगलवार को मौके पर पहुंचा।
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पुलिस ने सुरक्षा उपकरणों के साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान सुरंग के भीतर छुपाकर रखे गए आईईडी को डिफ्यूज करते हुए सिल्वर रंग का अल्म्युनियम बेस एक्सप्लोसिव, इलेक्ट्रिक डिटोनेटर, जर्मन डिब्बा कंटेनर (लगभग 5 से 6 किग्रा), स्पीलंटर, इलेक्ट्रिक वायर और बैट आदि बिस्फोटक सामग्री बरामद की गई। पुलिस के अनुसार स्पॉट जब्ती पंचनामा के पश्चात साजिश रचने वाले नक्सलियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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नक्सल शहीद सप्ताह में सर्च परेशन से बौखला गए थे नक्सली
पुलिस के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सल शहीद सप्ताह (28 जुलाई से 3 अगस्त तक) में बॉर्डर से लेकर जंगल के भीतर तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था जिससे नक्सलियों में खलबली मच गई थी। वह बौखला गए थे। हालांकि नक्सल सप्ताह बिना हिंसा के बीत गया लेकिन माओवादियों के मंसूबे खत्म नहीं हुए थे। इसलिए पुलिस पार्टी पर हमले के लिए बारूदी सुरंग बिछाकर खतरनाक साजिश को अंजाम दिया गया था।