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महाराष्ट्र: टीआरपी घोटाला में आरोपी बार्क के पूर्व सीईओ दासगुप्ता की तबीयत बिगड़ी, आईसीयू वार्ड में भर्ती
Sat, 16 Jan 2021 01:56 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sat, 16 Jan 2021 01:56 PM IST
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बार्क के पूर्व सीईओ दासगुप्ता
- फोटो : Social Media
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टीआरपी धोखाधड़ी मामले में आरोपी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता की तबीयत ज्यादा खराब हो जाने पर शुक्रवार देर रात उन्हें मुंबई के जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया। दासगुप्ता को आईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने को 55 वर्षीय दासगुप्ता को पुणे जिले में पिछले महीने तब गिरफ्तार किया था, जब वह गोवा से पुणे जा रहे थे। इसके बाद अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया था। कुछ टीवी चैनलों द्वारा टीआरपी से छेड़छाड़ करने के मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपी दासगुप्ता 15वें व्यक्ति हैं। मामले के ज्यादातर आरोपी अभी जमानत पर हैं।
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पुलिस ने कहा कि बीएआरसी के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी रोमिल रामगढ़िया से पूछताछ में पता चला कि वह दासगुप्ता की मिलीभगत से टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) फर्जीवाड़े में शामिल थे। रामगढ़िया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने इस मामले में एक अन्य आरोपी बार्क के पूर्व मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) रामिल रामगढ़िया को जमानत दे दी थी। दासगुप्ता जून 2013 से नवंबर 2019 के बीच बीएआरसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थे।रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि जांच फर्जी थी और इसका एकमात्र मकसद रिपब्लिक टीवी को निशाना बनाना था।
क्या है मामला
कुछ घरों में दर्शकों की संख्या का पता लगाकर टीआरपी मापी जाती है और दर्शकों की संख्या के आंकड़े से चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करते हैं। ऐसे आरोप लगे हैं कि इन घरों में से कुछ को रिश्वत दी जाती थी कि वे कुछ खास चैनलों पर जाएं ताकि उनकी टीआरपी बढ़ सके।
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Maharashtra: Former BARC CEO Partho Dasgupta, who is accused in the TRP scam, was admitted to JJ hospital in Mumbai last night. He has been put on oxygen support in the ICU ward of the hospital.
— ANI (@ANI) January 16, 2021विज्ञापन
मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने को 55 वर्षीय दासगुप्ता को पुणे जिले में पिछले महीने तब गिरफ्तार किया था, जब वह गोवा से पुणे जा रहे थे। इसके बाद अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया था। कुछ टीवी चैनलों द्वारा टीआरपी से छेड़छाड़ करने के मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपी दासगुप्ता 15वें व्यक्ति हैं। मामले के ज्यादातर आरोपी अभी जमानत पर हैं।
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पुलिस ने कहा कि बीएआरसी के पूर्व मुख्य परिचालन अधिकारी रोमिल रामगढ़िया से पूछताछ में पता चला कि वह दासगुप्ता की मिलीभगत से टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) फर्जीवाड़े में शामिल थे। रामगढ़िया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अदालत ने इस मामले में एक अन्य आरोपी बार्क के पूर्व मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) रामिल रामगढ़िया को जमानत दे दी थी। दासगुप्ता जून 2013 से नवंबर 2019 के बीच बीएआरसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थे।रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि जांच फर्जी थी और इसका एकमात्र मकसद रिपब्लिक टीवी को निशाना बनाना था।
क्या है मामला
कुछ घरों में दर्शकों की संख्या का पता लगाकर टीआरपी मापी जाती है और दर्शकों की संख्या के आंकड़े से चैनल विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करते हैं। ऐसे आरोप लगे हैं कि इन घरों में से कुछ को रिश्वत दी जाती थी कि वे कुछ खास चैनलों पर जाएं ताकि उनकी टीआरपी बढ़ सके।