महाराष्ट्र चुनाव: पारतूर में बोले पीएम मोदी- कांग्रेस को परिवार भक्ति में दिखती है राष्ट्रभक्ति
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महाराष्ट्र के पारतूर में दूसरी चुनावी रैली को संबोधित किया। राज्य में 21 अक्तूबर को चुनाव होने हैं। रैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवारवाद के नीचे कांग्रेस का राष्ट्रवाद दब चुका है। परिवार की भक्ति में कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति नजर आती है और यही वजह है कि कांग्रेस आज लड़खड़ा रही है। अंतिम सांस ले रही है।
PM Modi in Partur: Parivarvaad ke niche Congress ka rashtravad dab chuka hai. Parivar bhakti mein hi Congress ko rastra bhakti nazar aati hai, aur yahi vajah hai ki Congress aj ladkhada rahi hai, antim sans le rahi hai. #Maharashtra pic.twitter.com/RLBd1JMzzz
— ANI (@ANI) October 16, 2019विज्ञापन
प्रधानमंत्री ने कहा, 'कांग्रेस-एनसीपी के शासन का बड़ा नुकसान मराठवाड़ा को हुआ है। 2014 से पहले स्थिति ये थी कि योजनाएं तो मराठवाड़ा के लिए बनती थीं पर विकास कुछ नेताओं का होता था, नेताओं के रिश्तेदारों का होता था। महाराष्ट्र को 3-3 मुख्यमंत्री देने के बावजूद मराठवाड़ा की स्थिति में खास अंतर नहीं आया। सड़क, पानी, अस्पताल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी इस इलाके को तरसा दिया गया। मुख्यमंत्रियों का क्षेत्र होने के बावजूद यहां से विकास गायब रहा।'
उन्होंने कहा, 'इस चुनाव में क्या होगा ये मैं आपको बताता हूं। एनसीपी की घड़ी में 10 पर एक भाई खड़ा है दूसरे 10 पर दूसरा भाई खड़ा है। इसका मतलब एक भाई 10 सीटें लेकर आएगा और दूसरा भाई भी 10 सीटें लेकर आएगा। सार्थक और सही विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार में तालमेल बहुत जरूरी है, नीयत साफ होना बहुत जरूरी है। महाराष्ट्र के सामान्य जन का विकास तब और तेज हो जाता है जब केंद्र के प्रयासों को यहां की सरकार आगे बढ़ाए, उनकों विस्तार दे।'
उन्होंने आगे कहा, 'राष्ट्रहित और राष्ट्र रक्षा के मुद्दों पर हम सभी का एक ही सुर होना चाहिए। दुनिया को एक ही आवाज सुनाई देनी चाहिए। लेकिन हर बात में राजनीति की रोटियां सेंकने वाले ये नेता, देशहित की, राष्ट्रहित की इतनी सरल बात को भी मानने के लिए तैयार नहीं है। मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के दंश से मुक्ति दिलाने का काम भी भाजपा और महायुती की ही सरकार ने पूरा किया। कांग्रेस और एनसीपी ने मुस्लिम बहनों को न्याय के इस प्रयास को रोकने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन आज एक सख्त कानून बन चुका है।'