{"_id":"5e70729f8ebc3ea4e0294f9e","slug":"maharashtra-dalit-boy-beheaded-after-a-girl-goes-missing","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराष्ट्र में नाबालिग की गला रेत कर हत्या, लड़की भगाने के शक में ली जान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महाराष्ट्र में नाबालिग की गला रेत कर हत्या, लड़की भगाने के शक में ली जान
Tue, 17 Mar 2020 12:31 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 17 Mar 2020 12:31 PM IST
विज्ञापन
1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक दलित लड़के की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। 17 वर्षीय लड़के की पहचान भीमराज बालासाहेब गायकवाड़ के तौर पर की गई है। लड़के के साथ उसके माता पिता पर भी धारदार हथियार से हमला हुआ है। मृतक लड़के के बड़े भाई पर लड़की को भगाने के शक में भीमराज की हत्या की गई।
भीमराज गायकवाड़ अपने परिवार के साथ वैजापुर तालुका के लख खंडाला गांव में रहता था। भीमराज गायकवाड़ के बड़े भाई पर लड़की को लालच देकर साथ भगाने के शक था। ये लड़की ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखती थी। 14 मार्च को लड़की के पिता देवीदास देवकर और भाई रोहिदास देवकर भीमराज गायकवाड़ के घर पहुंचे और एक धारदार हथियार से उसका सर धड़ से अलग कर दिया। उसी हथियार से भीमराज के माता पिता को भी जख्मी किया।
भीमराज के घायल माता-पिता को औरंगाबाद के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इस हमले के बाद तनावपूर्ण स्थिति में ही भीमराज का 15 मार्च को अंतिम संस्कार किया गया। बाद में मृतक लड़के की मां ने लड़की के पिता और भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। एसी/एसटी एक्ट के तहत दोनों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। अदालत में फिलहाल दोनों को 19 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार वालों का कहना है कि भीमराज का बड़ा भाई 12 मार्च को किसी काम से बाहर गया था लेकिन वापस घर नहीं आया। उसी दिन लड़की के परिवार वालों ने लड़की के लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ित परिवार वालों का कहना है कि इसी दिन लड़की के पिता उनके घर आए और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। गायकवाड़ परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस में इसके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी लेकिन वक्त रहते पुलिस ने जरूरी कदम नहीं उठाए।
विज्ञापन
भीमराज गायकवाड़ अपने परिवार के साथ वैजापुर तालुका के लख खंडाला गांव में रहता था। भीमराज गायकवाड़ के बड़े भाई पर लड़की को लालच देकर साथ भगाने के शक था। ये लड़की ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखती थी। 14 मार्च को लड़की के पिता देवीदास देवकर और भाई रोहिदास देवकर भीमराज गायकवाड़ के घर पहुंचे और एक धारदार हथियार से उसका सर धड़ से अलग कर दिया। उसी हथियार से भीमराज के माता पिता को भी जख्मी किया।
विज्ञापन
भीमराज के घायल माता-पिता को औरंगाबाद के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया। इस हमले के बाद तनावपूर्ण स्थिति में ही भीमराज का 15 मार्च को अंतिम संस्कार किया गया। बाद में मृतक लड़के की मां ने लड़की के पिता और भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। एसी/एसटी एक्ट के तहत दोनों के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। अदालत में फिलहाल दोनों को 19 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार वालों का कहना है कि भीमराज का बड़ा भाई 12 मार्च को किसी काम से बाहर गया था लेकिन वापस घर नहीं आया। उसी दिन लड़की के परिवार वालों ने लड़की के लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ित परिवार वालों का कहना है कि इसी दिन लड़की के पिता उनके घर आए और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। गायकवाड़ परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस में इसके खिलाफ शिकायत दर्ज की थी लेकिन वक्त रहते पुलिस ने जरूरी कदम नहीं उठाए।