फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra council clears bill to enable police to book drug peddlers under MCOCA

Maharashtra: विधानसभा ने मकोका कानून में बदलाव को दी मंजूरी, अब ड्रग तस्करों पर भी लागू होगा सख्त कानून

Mon, 14 Jul 2025 07:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 14 Jul 2025 07:27 PM IST
सार

Maharashtra: महाराष्ट्र विधान परिषद ने ड्रग तस्करी और नशीली दवाओं से जुड़े मामलों को अब मकोका जैसे सख्त कानून के दायरे में लाने वाला संशोधन विधेयक पारित किया है। इस बदलाव के बाद ऐसे आरोपियों को जमानत मिलना बेहद मुश्किल होगा और पुलिस को जांच के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

विज्ञापन
Maharashtra council clears bill to enable police to book drug peddlers under MCOCA
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

महाराष्ट्र विधान परिषद ने सोमवार को एक संशोधन विधेयक पारित किया किया, जिससे अब ड्रग तस्करी और नशीली दवाओं से जुड़े अपराधों को मकोका जैसे सख्त कानून के तहत लाया जा सकेगा। यह विधेयक महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) में बदलाव के लिए लाया गया था। इसे विधानसभा में नौ जुलाई को पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी और अब यह विधान परिषद में भी सर्वसम्मति से पारित हो गया है।

विज्ञापन


अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद ही यह विधायी कदम लागू होगा। इसके बाद ड्रग तस्करों को गिरफ्तारी के बाद जमानत पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा। राज्य के शहरी गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि दो जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (जो गृह विभाग भी संभालते हैं) ने विधान परिषद में कहा था कि सरकार मौजूदा कानून में संशोधन करेगी, ताकि ड्रग तस्करों पर मकोका लगाया जा सके। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: रेलवे बोर्ड को ऑपरेशन सिंदूर अभ्यास के बाद रक्षा वैगनों के संख्या में विसंगति मिली, कल से गणना शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री की घोषणा के एक हफ्ते बाद ही यह विधेयक विधानसभा में पेश किया गया था, जिसे अब राज्य की दोनों सदनों ने मंजूरी दे दी है। इस संशोधन का मकसद संगठित अपराध की परिभाषा का विस्तार करना है, ताकि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों को भी मकोका के दायरे में लाया जा सके। विधेयक में यह प्रस्ताव रखा गया है कि नशीली दवाओं का उत्पादन, निर्माण, कब्जा, बिक्री और परिवहन जैसे काम अब संगठित अपराध माने जाएंगे।


मकोका कानून 1999 में पास हुआ था। यह कानून उन गतिविधियों को संगठित अपराध मानता है, जो कोई व्यक्ति अकेले या किसी गिरोह के साथ मिलकर करता है या किसी अपराध संगठन की ओर से करता है। अभी तक नशीली दवाओं से जुड़े मामलों में आरोपी पर एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कार्रवाई होती है। लेकिन मकोका में कई सख्त प्रावधान हैं — जैसे आरोपी को लंबे समय तक हिरासत में रखने की अनुमति, जमानत मिलने में कठिनाई और पुलिस द्वारा लिए गए इकबालिया बयान को अदालत में सबूत के तौर पर मान्यता। 

ये भी पढ़ें: सरकार ने SO₂ उत्सर्जन मानदंडों में बदलाव का किया बचाव, कहा- हमारी मंशा गलत तरीके से पेश की गई

इसके अलावा पुलिस को आरोपपत्र दाखिल करने के लिए 180 दिन तक का समय मिलता है, जबकि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) जैसे आम कानूनों में यह समयसीमा केवल 90 दिन होती है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed