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महाराष्ट्रः अरविंद सावंत और वायकर के कैबिनेट मंत्री के दर्जे पर विवाद
Thu, 20 Feb 2020 09:25 PM IST
अनवर अंसारी
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 20 Feb 2020 09:25 PM IST
सार
भाजपा के साथ गठबंधन खत्म करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले शिवसेना सांसद अरविंद सावंत को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर उपकृत किया था लेकिन अब उनकी नियुक्ति पर विवाद शुरू हो गया है।
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शिवसेना सांसद अरविंद सावंत
- फोटो : ANI
विस्तार
इसी तरह शिवसेना विधायक रवींद्र वायकर को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। 24 फरवरी से शुरू हो रहे विधानमंडल के बजट सत्र में भाजपा इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है। इसके मद्देनजर दोनो से इस्तीफा लिया जा सकता है।
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राज्य में तीन दलों की सरकार होने के कारण शिवसेना के कई नेताओं को मंत्री पद नहीं मिल सका। इसके मद्देनजर उद्धव ठाकरे ने पहले रवीन्द्र वायकर को मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्य संयोजक बनाकर मंत्रीपद से नवाजा।
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उसके बाद दक्षिण मुंबई के सांसद अरविंद सावंत को संसदीय समन्वय समिति का प्रमुख नियुक्त कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है। उद्धव ठाकरे अब इस विवाद को शांत करने में जुट गए है। शिवसेना ने अपने दोनों नेताओं को इस्तीफा तैयार रखने को कहा है। वहीं, विवाद को टालने के लिए अधिसूचना जारी करने की तैयारी भी की है जिससे उन्हें भत्ता व अन्य सुविधाएं नहीं मिलेगी।
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मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार इस संबंध में एक अधिसूचना अथवा संशोधित सरकारी प्रस्ताव जारी करेगी, जिसके अनुसार दोनों नेताओं को इस पद के लिए कोई भत्ता एवं सुविधा नहीं मिलेगी। ऐसा लाभ के पद के किसी भी आरोप से बचने के लिए किया गया है। हालांकि शिवसेना इस मामले कानूनी राय भी ले रही है कि क्या इन नेताओं की नियुक्ति ऑफिस ऑफ प्रॉफिट के तहत आती है या नहीं।