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'ड्रग्स की समस्या को करेंगे खत्म': गृह मंत्री अमित शाह ने लिया नशा-मुक्त भारत का संकल्प, तारीख भी बता दी

Wed, 21 Oct 2026 10:37 AM IST
अमन मौर्या एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अमन मौर्या Updated Wed, 21 Oct 2026 10:37 AM IST
सार

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने 31 दिसंबर, 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने देश को ड्रग्स मुक्त करने के लिए सभी से एकजुट होकर काम करने की अपील की।

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amit shah announces drug free india by 2029 police commemoration day
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को 31 दिसंबर, 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने की घोषणा की। उन्होंने 2026 के बाकी समय और अगले तीन साल में नशीले पदार्थों के खिलाफ एकजुट लड़ाई की अपील की। शाह ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नेशनल पुलिस मेमोरियल पर पुलिस स्मृति दिवस पर भाषण देते हुए यह घोषणा की और कहा कि ड्रग्स की समस्या पूरे देश के लिए एक गंभीर चुनौती है। इस मौके पर शाह ने कहा, 'हमने 31 दिसंबर, 2029 तक भारत से ड्रग्स की समस्या को खत्म करने का लक्ष्य रखा है।'
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गृह मंत्री ने क्या अपील की?
इस लक्ष्य को पाने के लिए गृह मंत्री ने 2026 के बाकी समय और अगले तीन साल में नशीले पदार्थों के खिलाफ एकजुट लड़ाई की अपील की। उन्होंने देश भर के पुलिस बलों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तय लक्ष्य के मुताबिक, नशा-मुक्त भारत के रोडमैप पर पूरे दृढ़ता के साथ काम करें और आने वाली पीढ़ियों को नशे के बुरे असर से बचाएं। शाह ने कहा कि ड्रग्स का खतरा एक गंभीर चुनौती है क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों को नुकसान पहुंचाता है, अर्थव्यवस्था पर बेवजह बोझ डालता है और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों को आर्थिक रूप से मदद देता है।
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उन्होंने देश के वीर जवानों को श्रद्धांजलि भी दी और उनके परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई। शाह ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक कुल 36,852 पुलिसवालों ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान दी है, जिसमें इस साल 154 लोगों ने सबसे बड़ा बलिदान दिया है। गृह मंत्री ने कहा कि देश के नागरिक शहीदों और उनके परिवारों के बलिदान के लिए आभारी हैं।

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क्या है 21 अक्तूबर का इतिहास?
बता दें कि 21 अक्तूबर, 1959 को हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों के हमले में दस बहादुर पुलिसवालों ने अपनी जान दे दी थी। तब से, हर साल 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस के तौर पर मनाया जाता है। पुलिसवालों के बलिदान और देश की सुरक्षा और एकता बनाए रखने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस 2018 पर चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में नेशनल पुलिस मेमोरियल (एनपीएम) देश को समर्पित किया।
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