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महाराष्ट्र : राज्यपाल कोश्यारी के पत्र ने बढ़ाई बजट सत्र से पहले उद्धव ठाकरे सरकार की चिंता
Thu, 18 Feb 2021 11:13 PM IST
सुरेंद्र जोशी
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 18 Feb 2021 11:13 PM IST
सार
-बजट सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के लिए पत्र लिखा पत्र
-नाना पटोले के इस्तीफे के बाद से खाली है पद
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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यिारी
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विस्तार
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पत्र ने राज्य की उद्धव ठाकरे नीत महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इससे राज्यपाल और एमवीए सरकार के बीच एक बार फिर तनातनी बढ़ गई है। एमवीए सरकार जहां विधान परिषद में राज्यपाल कोटे से 12 सदस्यों को मनोनीत करने में हो रही देरी को लेकर कानूनी विकल्प तलाश रही है। वहीं, राज्यपाल ने विधानमंडल के बजट सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने के संबंध में विधानसभा सचिव को पत्र भेजकर राज्य सरकार पर दबाव बना दिया है।
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विमान विवाद से बढ़े मतभेद
विधानसभा अध्यक्ष का पद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ है। अभी तक शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच अध्यक्ष पद को लेकर आम राय नहीं बन सकी है। हाल ही में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल को देहरादून जाने के लिए विमान की अनुमति देने से मना कर दिया था। जिससे राज्यपाल और सरकार के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। भगतसिंह कोश्यारी ने इसकी शिकायत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से की थी।
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राज्यपाल के खिलाफ शिवसेना की खुली जंग
वहीं, शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राऊत ने राज्यपाल को विमान नहीं देने के मामले को राज्यपाल के खिलाफ खुली जंग बताया था। महाराष्ट्र में एक मार्च से विधान मंडल का बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। हालांकि राज्य में विधानसभा अध्यक्ष चुनाव आम सहमति से कराने की परंपरा रही है, लेकिन एमवीए के नेताओं को आशंका है कि गुप्त मतदान की प्रक्रिया में क्रॉस वोटिंग हो सकती है जिसका फायदा विपक्षी दल भाजपा को मिल सकता है।
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स्पीकर चुनाव से घबरा क्यों रही है सरकार- फडणवीस
राज्य विधानसभा अध्यक्ष चुनाव को लेकर विधानसभा सचिव को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यिारी ने पत्र लिखा है कि जल्द से जल्द चुनाव कराया जाए। इससे महा विकास आघाड़ी सरकार और राज्यपाल के बीच फिर तनातनी बढ़ी है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष के साथ ही विधान परिषद में राज्यपाल कोटे के 12 सदस्यों के मनोनयन को भी मंजूरी दी जानी चाहिए। वहीं, इस मसले पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार के पास प्रचंड बहुमत है, ऐसे में सरकार अध्यक्ष पद चुनाव से घबरा क्यों रही है?
प्रतीक्षा करें पता चल जाएगा कौन घबरा रहा है- परब
फडणवीस की इस टिप्पणी का जवाब संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब ने दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन प्रतीक्षा करें। बाद में स्पष्ट हो जाएगा कि कौन घबरा रहा है, और कौन नहीं? फडणवीस ने कहा कि सरकार के पास प्रचंड बहुमत है, फिर वह विधानसभा अध्यक्ष चुनाव कराने से वह घबरा क्यों रही है? क्या सरकार का अपने विधायकों पर विश्वास नहीं है? एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने कहा कि राज्यपाल को विधानसभा अध्यक्ष चुनाव की तिथि तय करने का अधिकार है।