Maharashtra Analysis: पार्टियां तो दो-दो टूटीं, फिर भी सबसे ज्यादा नुकसान में कांग्रेस, एकनाथ-अजित कितने सफल?
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, सत्तारूढ़ महायुति में भाजपा उम्मीदवार 126 सीट पर, शिवसेना 54 और राकांपा 40 सीट पर आगे है। एमवीए में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार 12 सीट पर, कांग्रेस 21 और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 17 सीट पर आगे है।
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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे अब धीरे-धीरे साफ होते जा रहे हैं। यहां सत्तारूढ़ भाजपा नीत गठबंधन महायुति सत्ता बरकरार रखने में कामयाब होती दिख रही है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, महायुति 288 विधानसभा सीट में से 204 पर आगे है। विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) के उम्मीदवार महज 47 सीट पर आगे हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, सत्तारूढ़ महायुति में भाजपा उम्मीदवार 126 सीट पर, शिवसेना 56 और राकांपा 40 सीट पर आगे है। एमवीए में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार 12 सीट पर, कांग्रेस 21 और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) 17 सीट पर आगे है।
किसका जनाधार कितना खिसका?
- महाराष्ट्र में भाजपा बनाम कांग्रेस के साथ-साथ शिवसेना बनाम शिवसेना और एनसीपी बनाम एनसीपी के बीच मुकाबला था। अगर शिवसेना और एनसीपी के जनाधार की बात करें तो कहा जा सकता है कि अगर शिवसेना एकजुट रहती तो फायदे में रहती।
- पिछली बार शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं। इस बार शिवसेना के दोनों धड़ों को मिला दें तो सीटों की संख्या 70 के पार हो जाती है। दोनों ही धड़ों को मिले मत प्रतिशत को देखें तो भी इन्हें करीब 23% वोट मिले हैं, जो पिछली बार के 16% वोटों से ज्यादा है।
- उधर, एनसीपी के दोनों धड़ों की सीटें मिला दें तो कहा जा सकता है कि इस बार अगर पार्टी एकजुट रहती तो उसे 50 सीटें मिल सकती थीं, जबकि पिछली बार पार्टी को 54 सीटें मिली थीं। एनसीपी के दोनों धड़ों को मिले कुल वोट भी करीब 22% हैं, जो पिछली बार के 16% वोटों से ज्यादा है।
- भाजपा को मत प्रतिशत में कुछ नुकसान होता दिख रहा है। उसे इस बार 23.40% वोट मिलते दिख रहे हैं, जबकि पिछली बार उसे 26.1% वोट मिले थे। सीटों के लिहाज से इस बार पार्टी ने महाराष्ट्र में अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। भाजपा को 2019 में 105 सीटें और 2014 में 122 सीटें मिली थीं।
- कांग्रेस को इस बार काफी नुकसान हुआ है। उसे पिछली बार 16.1% वोट मिले थे, जबकि इस बार वह 10.95% वोट ही हासिल करती दिख रही है। पिछली बार उसे 44 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार वह 21 के आंकड़े के आसपास है।
किसे कितनी सफलता मिली?
- अगर शिवसेना के दोनों धड़ों को अलग-अलग देखें तो सीधे तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी का सफलता प्रतिशत बेहतर रहा। शिवसेना के सत्तारूढ़ धड़े ने इस बार 81 सीटों पर चुनाव लड़ा और वह 56 सीटों पर जीत हासिल करती दिख रही है।
- वहीं, भाजपा ने 149 सीटों पर चुनाव लड़ा और वह करीब 127 सीटों पर जीत हासिल करती नजर आ रही है।
- सफलता के प्रतिशत के मामले में कांग्रेस सबसे पीछे रही। उसने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 सीटों पर ही वह आगे है।
- एनसीपी की बात करें तो अजीत पवार के धड़े ने 59 सीटों पर चुनाव लड़ा और 40 सीटों पर वह जीत रही है।
- वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने 86 सीटों पर चुनाव लड़ा और 10 सीटों पर वह आगे है।
- उद्धव गुट वाली शिवसेना ने 95 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 सीट पर पार्टी आगे चल रही है।