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महाराष्ट्र : 17 साल में 26,339 किसानों ने की खुदकुशी
सुरेंद्र मिश्र / नागपुर
Updated Sun, 17 Dec 2017 02:51 AM IST
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किसान खुदकुशी के मामले में अग्रणी महाराष्ट्र में आज भी हजारों किसानों के परिजन सालों से मुआवजे के इंतजार में हैं। आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र में बीते 17 साल में 26,339 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें से 12,805 किसानों के परिजनों को मुआवजे के लिए पात्र माना गया जबकि 13,526 किसान परिवार मुआवजे से वंचित रह गए। जो मुआवजे के लिए सालों से कतार में हैं।
महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में शुरू विधान मंडल के शीतकालीन सत्र में करीब 50 विधायकों ने संयुक्त रूप से किसान आत्महत्या का मुद्दा विधानसभा में उठाया। वहीं, विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी किसान आत्महत्या से संबंधित लिखित प्रश्न का सरकार से जवाब मांगा। जवाब में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने जवाब दिया कि सन 2001 से सन 2017 के बीच राज्य में कुल 26,339 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें से अधिकांश किसानों ने सूखा, कर्ज और कर्ज वसूली से तंग आकर आत्महत्या की।
पढ़ें- पुरुषों के आत्महत्या करने की खबर कभी नहीं सुनी : मेनका
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महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में शुरू विधान मंडल के शीतकालीन सत्र में करीब 50 विधायकों ने संयुक्त रूप से किसान आत्महत्या का मुद्दा विधानसभा में उठाया। वहीं, विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने भी किसान आत्महत्या से संबंधित लिखित प्रश्न का सरकार से जवाब मांगा। जवाब में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने जवाब दिया कि सन 2001 से सन 2017 के बीच राज्य में कुल 26,339 किसानों ने आत्महत्या की। इनमें से अधिकांश किसानों ने सूखा, कर्ज और कर्ज वसूली से तंग आकर आत्महत्या की।
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मराठवाडा में 580 और बीड में 115 किसानों ने की आत्महत्या
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इस साल 1 जनवरी से 15 अगस्त 2017 तक मराठवाडा में 580 और बीड में 115 किसानों ने आत्महत्या की। पाटिल ने बताया कि आत्महत्याग्रस्त किसानों के परिवार के बच्चों को महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग सहित अन्य नौकरी भर्ती में उम्मीदवारों को समान अंक मिले तो सबसे पहले पीड़ित किसान के बच्चों को नौकरी में प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही, सरकार उन्हें एक लाख रुपये बतौर मदद के रुप में देती है।
बता दें कि किसानों की आत्महत्या को लेकर सूबे की राजनीति एक बार फिर गर्म है। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार हमलावर है। 6 माह पहले शुरू हुए किसान आंदोलन को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूबे के 89 लाख किसानों के 34,022 करोड़ रुपये कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। फिर भी किसान आत्महत्या में कमी नही आई। दूसरी ओर, कर्जमाफी भी तकनीकी अड़चन में फंस गई है। हालांकि फडणवीस का दावा है कि अब तक 22 लाख किसानों के बैंक खाते में पैसा जमा हो चुका है और शेष किसानों के खाते में कर्जमाफी की रकम जमा कर दी जाएगी।
बता दें कि किसानों की आत्महत्या को लेकर सूबे की राजनीति एक बार फिर गर्म है। विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार हमलावर है। 6 माह पहले शुरू हुए किसान आंदोलन को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूबे के 89 लाख किसानों के 34,022 करोड़ रुपये कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। फिर भी किसान आत्महत्या में कमी नही आई। दूसरी ओर, कर्जमाफी भी तकनीकी अड़चन में फंस गई है। हालांकि फडणवीस का दावा है कि अब तक 22 लाख किसानों के बैंक खाते में पैसा जमा हो चुका है और शेष किसानों के खाते में कर्जमाफी की रकम जमा कर दी जाएगी।