महाराष्ट्र: ऑफिस जाने के लिए घर से निकली थी युवती, ट्रेन से गिरकर मौत
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काम के सिलसिले से जा रही एक 22 वर्षीय युवती की सोमवार सुबह डोंबिवली और कोपर स्टेशनों के बीच चलने वाली लोकल ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। पुलिस ने कहना है कि यात्रा कर रही चार्मी पसाद का डिब्बे में भीड़भाड़ होने के कारण संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह नीचे गिर गई। उन्होंने बताया कि इस साल इसी तरह की यह चौथी दुर्घटना है।
चार्मी पसाद अपनी मां और दो भाईयों के साथ डोंबिवली में रहती थी। डोंबिवली के जीआरपी अधिकारी ने बताया कि डोंबिवली पूर्व के भोपार गांव की रहने वाली चार्मी पसाद सुबह नौ बजे चलती ट्रेन से गिर गई। जिसके बाद उन्हें डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में ले जाया गया। जहां उन्होंने सिर और पीठ में गंभीर चोटों के चलते दम तोड़ दिया। अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
डोंबिवली के एक जीआरपी अधिकारी ने बताया कि इस तरह की घटनाएं इसलिए होती है क्योंकि डिब्बे में भीड़ होने की वजह से यात्री फुटबोर्ड पर यात्रा करते हैं। ट्रेन के स्टेशन से निकलने के बाद भी लोग इसमें चढ़ने की कोशिश करते हैं और इस तरह की घटना को बुलावा देते हैं।
चार्मी पसाद के भाई मेहुल पसाद ने बताया कि वह एक नियमति यात्री थी और रोज की तरह वह ऑफिस जाने के लिए निकली थी। उन्होंने बताया कि वह घाटकोपर में एक निजी कंपनी के सेल्स डिपार्टमेंट में काम करती थी।
मेहुल ने बताया कि डोम्बिवली स्टेशन पर पीक आवर्स के दौरान बड़ी भीड़ देखी जाती है। डोंबिवली पहुंचने से पहले ही लोकल ट्रेन पूरी तरह यात्रियों से भरी हुई होती है, इसलिए यात्रियों को फुटबोर्ड पर खड़े होकर यात्रा करना पड़ता है।
मेहुल ने कहा कि मैं रेलवे के अधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे चढ़ने और उतरने के लिए कतार बनवाएं, इसके अलावा पीक ऑवर्स में महिलाओं के लिए विशेष ट्रेन चलाई जाएं। जिससे इस तरह की घटनाएं ना हो।
इस घटना को लेकर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने कहा है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि आरसीटी (रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल) के तहत दावा किया जाता है तो उन्हें मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
Shivaji Sutar: Railway admn has been making efforts to bring down no.of such cases. If you compare this year's data to that of last yr, they've come down by over 12%. Cases registered against 420 people found travelling on footboard. A total fine of Rs 1,55,000 was also imposed. https://t.co/DzrG59qgRK
— ANI (@ANI) December 17, 2019
सुतार ने कहा कि रेलवे ने इस तरह के मामलों को कम करने के प्रयास किए हैं। यदि आप इस वर्ष के आकंड़ों की तुलना पिछले साल के आंकड़ों से करेंगे तो आपको मिलेगा कि इस तरह के मामलों में 12% तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने फुटबोर्ड पर यात्रा करने वाले 420 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही 1,55,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।