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महाराष्ट्र : महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा की 12 महिला विधायकों ने महाराष्ट्र के सीएम को लिखा पत्र, पूछे सवाल
Thu, 23 Sep 2021 04:03 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 23 Sep 2021 04:03 AM IST
सार
भाजपा की 12 महिला विधायकों ने बुधवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस मुद्दे पर पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। महिला विधायकों ने उद्धव ठाकरे से पूछा- संसद सत्र बुलाने की मांग कर दिल्ली में क्यों तार-तार कराना चाहते हैं राज्य की आबरू।
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उद्धव ठाकरे
- फोटो : ANI
विस्तार
मुंबई के साकीनाका में दिल्ली के निर्भया कांड की याद दिलाने वाली जघन्य दुष्कर्म व महिला की हत्या मामले ने महाराष्ट्र में महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रखे हैं।
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उद्धव ठाकरे से पूछा- संसद सत्र बुलाने की मांग कर दिल्ली में क्यों तार-तार कराना चाहते हैं राज्य की आबरू
भाजपा की 12 महिला विधायकों ने बुधवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस मुद्दे पर पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। इन महिला विधायकों ने मुख्यमंत्री से सवाल किया है कि वे राज्य की आबरू दिल्ली में क्यों तार-तार कराना चाहते हैं?
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दरअसल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सीएम ठाकरे को राज्य में महिलाओं से जुड़े अपराधों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की नसीहत दी थी। लेकिन मंगलवार को मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के पत्र के जवाब में उल्टे उन्हें ही नसीहत दे डाली थी। उद्धव ने दुष्कर्म और हत्या के मामलों को राष्ट्रव्यापी समस्या बताते हुए राज्यपाल को केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की सिफारिश करने के लिए कहा था।
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बुधवार को 12 महिला विधायकों ने मुख्यमंत्री के इसी जवाब को आधार बनाकर उन्हें पत्र लिखा। पत्र में महिला विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के अस्तित्व में आने के बाद से हर समस्या के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है।
मौजूदा समय में सूबे में महिला अत्याचार की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिला विधायकों ने ठाकरे से सवाल किया कि राज्य में महिलाओं की अस्मत लूटी जा रही है तो मुख्यमंत्री ऐसे में संसद का विशेष सत्र बुलवाकर सूबे की आबरू का दिल्ली मे प्रदर्शन क्यों करना चाहते हैं?
महिला विधायकों ने कहा, हमने कभी ऐसी अपेक्षा नहीं की थी कि राज्य में हो रहे लज्जित करने वाले कृत्य का संसद में वाचन हो। महिला विधायकों ने कहा है कि अन्य राज्यों के अपराध से तुलना कर महाराष्ट्र में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार का समर्थन नहीं किया जा सकता। पत्र लिखने वाली भाजपा विधायकों में माधुरी मिसाल, विद्या ठाकुर, प्रा. देवयानी फरांदे, मनीषा चौधरी, सीमा हिरे, श्वेता महाले पाटिल, मेघना साकोरे बोर्डिकर, डॉ. नमिता मुंदड़ा, मंदा म्हात्रे, भारती लवेकर, मोनिका राजाले और मुक्ता तिलक शामिल हैं।
भाजपा शासित राज्यों में सर्वाधिक महिला अपराध : कांग्रेस
कांग्रेस ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर चर्चा के लिए संसद का चार दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मांग का समर्थन किया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने बुधवार को कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार सबसे ज्यादा हो रहे हैं। सावंत ने एनसीआरबी-2020 रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध हुए थे, जबकि एमवीए शासन के दौरान अत्याचार कम हुए हैं।
अपरिपक्व हैं मुख्यमंत्री कार्यालय के सलाहकार : फडणवीस
नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने मुख्यमंत्री ठाकरे की तरफ से राज्यपाल कोश्यारी को लिखे जवाबी पत्र को लेकर कहा कि सीएम कार्यालय के सलाहकार अपरिपक्व हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिलकर दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी। राज्य का सांविधानिक प्रमुख होने के नाते राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को इस पर विचार करने के लिए पत्र लिखा था। उन्होंने कोई आदेश नहीं दिया था।