फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maha govt sacks another 380 employees as MSRTC strike continues on 24 th day

महाराष्ट्र: रोडवेज के 380 और कर्मचारी बर्खास्त, 24 वें दिन भी जारी रही हड़ताल, बसें बंद होने से लाखों यात्री परेशान

Sat, 20 Nov 2021 10:52 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 20 Nov 2021 10:52 PM IST
सार

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा है कि सरकार विलय को छोड़कर कर्मचारियों की सभी मांगों पर बातचीत को तैयार है। 

विज्ञापन
Maha govt sacks another 380 employees as MSRTC strike continues on 24 th day
MSRTC की हड़ताल के बाद खड़ी बसें - फोटो : pti

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के 380 और कर्मचारियों को शनिवार को बर्खास्त कर दिया। कर्मचारी बीते 24 दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारी हड़ताल समाप्त नहीं करने पर अडिग हैं। 

विज्ञापन


रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से महाराष्ट्र की हजारों सरकाी बसें बंद हैं। इससे लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा है कि सरकार विलय को छोड़कर कर्मचारियों की सभी मांगों पर बातचीत को तैयार है। राज्य सरकार एमएसआरटीसी के 90 हजार कर्मचारियों में से अब तक 618 को बर्खास्त कर चुकी है। इन कर्मचारियों को बार-बार अपील के बाद भी सेवा में हाजिर नहीं होने पर हटाया गया है। 
विज्ञापन


शनिवार को 161 कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया। इन्हें मिलाकर अब तक कुल 2,937 कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं। हालांकि एमएसआरटीसी शनिवार को 143 बसें चलाने में सफल रहा। इनमें 4,280 यात्रियों ने सफर किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह है मुख्य मांग
कंगाली की हालत से जूझ रहे महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की मुख्य मांग निगम का राज्य सरकार में   विलय करने की है। ये कर्मचारी 28 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। मंत्री परब ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की विलय को छोड़कर सभी मांगों पर विचार को तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा मांगों पर विचार के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर गंभीरता से विचार करेगी। कर्मचारी नेताओं की नहीं सुन रहे हैं, वे सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। हड़ताल के कारण उनका जीवन खतरे में पड़ सकता है। 


रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के कारण महाराष्ट्र के लाखों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन बसों में लाखों यात्री रोजाना सफर करते थे। ग्रामीण व अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में ये बसें ही आवाजाही की मुख्य साधन हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed