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Tamil Nadu: 'तूतीकोरिन पुलिस ने एक उद्योगपति के इशारे पर चलाई थी गोली', हाईकोर्ट ने CBI को भी लगाई फटकार
Wed, 17 Jul 2024 01:33 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Wed, 17 Jul 2024 01:33 PM IST
सार
न्यायमूर्ति एसएस सुंदर और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता हेनरी तिफांगे की याचिका पर सुनवाई की। बता दें, याचिका में घटना की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा बंद की गई जांच फिर से शुरू करने की मांग की गई थी।
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Madras High Court
- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
विस्तार
तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता की स्टरलाइट कॉपर संयंत्र के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोलीबारी में हुई कई लोगों की मौत मामले में मद्रास उच्च न्यायालय ने सुनवाई की। अदालत ने मामले की जांच कर रही सीबीआई को कड़ी फटकार लगाई। उसने मामले की जांच के तरीके पर सवाल उठाया।
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गोली चलाने के लिए रची गई थी साजिश
अदालत ने पाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई थी। उच्च न्यायालय ने कहा, 'हम मानते हैं कि पुलिस द्वारा गोलीबारी करना पहले से रची साजिश का हिस्सा थी। यह गोलीबारी एक उद्योगपति के इशारे पर की गई थी।'
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बंद जांच को फिर शुरू करने की मांग
न्यायमूर्ति एसएस सुंदर और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता हेनरी तिफांगे की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाल में यह टिप्पणी की। बता दें, याचिका में घटना की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा बंद की गई जांच फिर से शुरू करने की मांग की गई थी।
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पीठ ने राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) को आईपीएस और आईएएस सहित सभी अधिकारियों की संपत्ति की जांच करने का भी निर्देश दिया, जो घटना के समय दक्षिणी जिले में तैनात थे।
क्या है मामला?
तूतीकोरिन में प्रदूषण की चिंता से स्टरलाइट कॉपर फैक्ट्री को बंद करने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान 22 मई 2018 को हिंसा फैल गई थी और पुलिस गोलीबारी में 13 लोगों की जान चली गई थी। यह प्रदर्शन तीन महीने से चल रहा था।