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Madras HC: मद्रास हाई कोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानी के स्वर्ण कवच को लेकर बैंक को यह दिया आदेश, जानें पूरा मामला

Wed, 26 Oct 2022 10:44 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 26 Oct 2022 10:44 PM IST
सार

थेवर की प्रतिमा का सोने का यह कचव दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने 2014 में अन्नाद्रमुक की ओर से भेंट किया था। थेवर समुदाय के लोग हर साल उनकी जयंती पर भव्य आयोजन करते हैं। थेवर की जयंती पर उनके गांव में हर साल उनकी प्रतिमा को यह सोने का कवच पहनाया जाता है।

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Madras HC orders bank to return gold armor of freedom fighter Pasumpon Muthuramalinga Thevar
कोर्ट का फैसला - फोटो : amar ujala

विस्तार

मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ ने बैंक अधिकारियों को स्वतंत्रता सेनानी और थेवर समुदाय के नेता पसुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर के स्वर्ण कवच को थेवर जयंती के अनुष्ठान से पहले रामनाथपुरम जिला राजस्व मंडल अधिकारी को सौंपने का आदेश दिया है। 

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अदालत ने कहा है कि कि स्वर्ण कवच किसी भी गुट को नहीं सौंपा जा सकता है क्योंकि पार्टी के नेतृत्व के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में एक मामला लंबित है। गौरतलब है कि थेवर जयंती 30 अक्टूबर को पसुम्पोन में होने वाली पसुम्पोन मुथुरामलिंग थेवर की जयंती है।  
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थेवर की प्रतिमा का सोने का यह कचव दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने 2014 में अन्नाद्रमुक की ओर से भेंट किया था। थेवर समुदाय के लोग हर साल उनकी जयंती पर भव्य आयोजन करते हैं। थेवर की जयंती पर उनके गांव में हर साल उनकी प्रतिमा को यह सोने का कवच पहनाया जाता है।
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पसुम्पोन गांव में ‘थेवर जयंती’ के लिए अदालत के निर्देश का अनुरोध करने वाली अन्नाद्रमुक के कोषाध्यक्ष डिंडीगुल सी. श्रीनिवास की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भवानी सुबारोयन ने बैंक को आदेश दिया कि वह कचव जिला राजस्व अधिकारी को सौंप दे, और उसे प्रतिमा को पहनाया जाए।


मोबाइलपे के खिलाफ यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
इस बीच मद्रास हाईकोर्ट ने डिजिटल भुगतान एप मोबाइलपे और उसके समूह की कंपनियों के खिलाफ यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कंपनी के खिलाफ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और भारत इंटरफेस फॉर मनी (भीम) सेवाओं की पेशकश के मामले में यह फैसला किया है। जस्टिस एम सुंदर ने 19 अक्तूबर को फोनपे की तरफ से दायर मुकदमे के बाद एक आवेदन पर यह अंतरिम आदेश पारित किया। फोनपे ने तर्क दिया है कि प्रतिवादी कंपनियों ने उसके कारोबार चिह्न (ट्रेडमार्क) का उल्लंघन किया है।

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