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पेरियार पर टिप्पणी: रजनीकांत के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की
Fri, 24 Jan 2020 01:53 PM IST
अजय सिंह
एएनआई, चेन्नई
एएनआई, चेन्नई
Published by: अजय सिंह
Updated Fri, 24 Jan 2020 01:53 PM IST
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rajnikant
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मद्रास उच्च न्यायालय ने तर्कवादी नेता ई वी रामास्वामी ‘‘पेरियार’’ के खिलाफ टिप्पणी को लेकर अभिनेता रजनीकांत के खिलाफ दायर याचिका याचिकाकर्ता द्वारा वापस लिए जाने के कारण शुक्रवार को इसे खारिज कर दिया।न्यायमूर्ति पी राजमणिकम द्रविड़र विदुतलाई कझगम नामक संगठन की याचिका पर सुनवाई की।
सरकारी वकील ए नटराजन ने दलील दी कि याचिकाकर्ता उपलब्ध वैकल्पिक उपाय अपनाने के बगैर ही अदालत आया है। न्यायमूर्ति राजमणिकम ने याचिकाकर्ताओं के वकील से पूछा कि क्या वह याचिका वापस लेना चाहते हैं।
वकील द्वारा इस पर सहमति जताने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। तमिल पत्रिका ‘तुगलक’ द्वारा 14 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान रजनीकांत ने आरोप लगाया था, ‘‘1971 में सेलम में पेरियार ने रैली निकाली थी जिसमें चप्पल की माला पहने भगवान श्रीरामचंद्रमूर्ती और सीता की नग्न तस्वीरें दिखाई गई थीं...।’’
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सरकारी वकील ए नटराजन ने दलील दी कि याचिकाकर्ता उपलब्ध वैकल्पिक उपाय अपनाने के बगैर ही अदालत आया है। न्यायमूर्ति राजमणिकम ने याचिकाकर्ताओं के वकील से पूछा कि क्या वह याचिका वापस लेना चाहते हैं।
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वकील द्वारा इस पर सहमति जताने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। तमिल पत्रिका ‘तुगलक’ द्वारा 14 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान रजनीकांत ने आरोप लगाया था, ‘‘1971 में सेलम में पेरियार ने रैली निकाली थी जिसमें चप्पल की माला पहने भगवान श्रीरामचंद्रमूर्ती और सीता की नग्न तस्वीरें दिखाई गई थीं...।’’
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