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Madhya Pradesh: मोहन मंत्रिमंडल के जरिए भाजपा ने एमपी में साधा जातिगत समीकरण,ऐसे सभी वर्गों को मिली हिस्सेदारी
Mon, 25 Dec 2023 04:53 PM IST
राहुल संपाल
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Published by: राहुल संपाल
Updated Mon, 25 Dec 2023 04:53 PM IST
सार
मध्य प्रदेश की डॉ.मोहन यादव सरकार का पहला मंत्रिमंडल गठन सोमवार हो गया हैं। जानिए कौन-कौन बना मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री...
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जातिगत समीकरण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश की डॉ.मोहन यादव सरकार का पहला मंत्रिमंडल गठन सोमवार हो गया हैं। मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में 28 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 18 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्री बनाए गए है। इस मंत्रिमंडल गठन में भाजपा ने जातिगत समीकरण का विशेष ध्यान रखा है। इन 28 मंत्रियों में आठ सामान्य वर्ग से, 13 ओबीसी वर्ग से, पांच एससी वर्ग से और पांच एसटी वर्ग से हैं। जबकि सीएम मोहन यादव खुद ओबीसी वर्ग, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पांच एससी वर्ग और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला सामान्य वर्ग से आते है।
आज कैबिनेट मंत्री के रूप में कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा, उदय प्रताप सिंह, कुंवर विजय शाह, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, नागर सिंह चौहान, चैतन्य कश्यप, इंदर सिंह परमार, राकेश शुक्ला, प्रद्युम्न सिंह तोमर, संपतिया उइके ने ली। जबकि कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, लखन पटेल, नारायण सिंह पंवार, गौतम टेटवाल ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ ली। जबकि नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह, दिलीप अहिरवार ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली।
13 मंत्री 60 साल से ज्यादा उम्र के
मंत्रिमंडल में 13 मंत्रियों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। सीहोर जिले की इछावर सीट से विधायक करण सिंह वर्मा (68) सबसे उम्रदराज मंत्री हैं। दमोह जिले की जबेरा सीट से विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी (45) सबसे कम उम्र के मंत्री हैं। सात मंत्री 12वीं क्लास तक पढ़े हैं। 21 मंत्री ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट हैं। सबसे कम एंदल सिंह कंषाना ने आठवीं क्लास तक पढ़ाई की है। दिलीप अहिरवार और नारायण पंवार दसवीं तक पढ़े हुए है।
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पहली बार के छह विधायक बने मंत्री
प्रह्लाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, संपतिया उइके, नरेंद्र पटेल, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह पहली बार के विधायक है। इनमें प्रहलाद सिंह पटेल दमोह से सांसद और केंद्र में मंत्री थे। वे नरसिंहपुर सीट से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। राकेश सिंह जबलपुर से सांसद थे। वे जबलपुर पश्चिम से जीतकर विधायक बने है।
इन सिंधिया समर्थकों को मिला मौका
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 3 विधायकों तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इनके अलावा शिवराज सरकार में मंत्री रहे प्रभुराम चौधरी और बृजेन्द्र सिंह यादव को मोहन मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। विजय शाह पांचवीं बार मंत्री बने हैं, जबकि कैलाश विजयवर्गीय चौथी बार मंत्री बने हैं।
शिवराज सरकार के 10 मंत्री को नहीं मिला मौका
नए मंत्रिमंडल में शिवराज सरकार के केवल छह मंत्रियों को ही जगह मिली, जबकि 10 मंत्रियों को मौका नहीं मिल सका। वहीं सीधी से विधायक रीति पाठक को छोड़कर सांसद से विधायक बने तीन नेताओं को मंत्री बनाया गया है। जबकि नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। शिवराज सरकार के 10 पूर्व मंत्री को इस मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। इनमें गोपाल भार्गव, मीना सिंह, उषा ठाकुर, हरदीप सिंह डंग, बृजेंद्र प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, प्रभुराम चौधरी, ओमप्रकाश सखलेचा, बृजेंद्र सिंह यादव और बिसाहू लाल के नाम शामिल हैं।
मंत्रिमंडल पूरी तरह से संतुलित- शिवराज चौहान
मोहन सरकार के नए मंत्रिमंडल के गठन पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य का सौभाग्य है कि अटल जी की जयंती पर नई सरकार आकार ले रही है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल पूरी तरह संतुलित और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि नई सरकार पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम मोहन यादव की अगुवाई में प्रदेश को सुशासन देगी। नई सरकार प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सभी को मेरी तरफ से शुभकामनाएं हैं।
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आज कैबिनेट मंत्री के रूप में कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, करण सिंह वर्मा, उदय प्रताप सिंह, कुंवर विजय शाह, तुलसीराम सिलावट, एंदल सिंह कंसाना, निर्मला भूरिया, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, नारायण सिंह कुशवाह, नागर सिंह चौहान, चैतन्य कश्यप, इंदर सिंह परमार, राकेश शुक्ला, प्रद्युम्न सिंह तोमर, संपतिया उइके ने ली। जबकि कृष्णा गौर, धर्मेंद्र लोधी, दिलीप जायसवाल, लखन पटेल, नारायण सिंह पंवार, गौतम टेटवाल ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ ली। जबकि नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह, दिलीप अहिरवार ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली।
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13 मंत्री 60 साल से ज्यादा उम्र के
मंत्रिमंडल में 13 मंत्रियों की उम्र 60 साल से ज्यादा है। सीहोर जिले की इछावर सीट से विधायक करण सिंह वर्मा (68) सबसे उम्रदराज मंत्री हैं। दमोह जिले की जबेरा सीट से विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी (45) सबसे कम उम्र के मंत्री हैं। सात मंत्री 12वीं क्लास तक पढ़े हैं। 21 मंत्री ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट हैं। सबसे कम एंदल सिंह कंषाना ने आठवीं क्लास तक पढ़ाई की है। दिलीप अहिरवार और नारायण पंवार दसवीं तक पढ़े हुए है।
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पहली बार के छह विधायक बने मंत्री
प्रह्लाद सिंह पटेल, राकेश सिंह, संपतिया उइके, नरेंद्र पटेल, प्रतिमा बागरी, राधा सिंह पहली बार के विधायक है। इनमें प्रहलाद सिंह पटेल दमोह से सांसद और केंद्र में मंत्री थे। वे नरसिंहपुर सीट से पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। राकेश सिंह जबलपुर से सांसद थे। वे जबलपुर पश्चिम से जीतकर विधायक बने है।
इन सिंधिया समर्थकों को मिला मौका
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 3 विधायकों तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत और प्रद्युम्न सिंह तोमर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इनके अलावा शिवराज सरकार में मंत्री रहे प्रभुराम चौधरी और बृजेन्द्र सिंह यादव को मोहन मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। विजय शाह पांचवीं बार मंत्री बने हैं, जबकि कैलाश विजयवर्गीय चौथी बार मंत्री बने हैं।
शिवराज सरकार के 10 मंत्री को नहीं मिला मौका
नए मंत्रिमंडल में शिवराज सरकार के केवल छह मंत्रियों को ही जगह मिली, जबकि 10 मंत्रियों को मौका नहीं मिल सका। वहीं सीधी से विधायक रीति पाठक को छोड़कर सांसद से विधायक बने तीन नेताओं को मंत्री बनाया गया है। जबकि नरेंद्र सिंह तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। शिवराज सरकार के 10 पूर्व मंत्री को इस मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। इनमें गोपाल भार्गव, मीना सिंह, उषा ठाकुर, हरदीप सिंह डंग, बृजेंद्र प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, प्रभुराम चौधरी, ओमप्रकाश सखलेचा, बृजेंद्र सिंह यादव और बिसाहू लाल के नाम शामिल हैं।
मंत्रिमंडल पूरी तरह से संतुलित- शिवराज चौहान
मोहन सरकार के नए मंत्रिमंडल के गठन पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य का सौभाग्य है कि अटल जी की जयंती पर नई सरकार आकार ले रही है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल पूरी तरह संतुलित और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि नई सरकार पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम मोहन यादव की अगुवाई में प्रदेश को सुशासन देगी। नई सरकार प्रदेश के विकास और जनता के कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सभी को मेरी तरफ से शुभकामनाएं हैं।