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तैयारी: कूनो में माह के आखिर में जंगल में छोड़े जाएंगे चीते, राज्य संभालेंगे भोजन-सेहत और निगरानी का जिम्मा

Tue, 15 Oct 2024 05:44 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 15 Oct 2024 05:44 AM IST
सार

प्रजातियों के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना के तहत 2022 और 2023 के बीच नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से दो चरण में 20 चीते लाए गए थे। नामीबिया से आठ और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीता आए थे। 
 

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Madhya Pradesh Kuno National Park Leapord Take Care State Responsibility food health
कूनों के जंगल में छोड़े जाएंगे चीते - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखे गए अफ्रीकी चीतों को अक्तूबर के आखिरी हफ्ते में चरणबद्ध तरीके से जंगल में छोड़ा जाएगा। पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक, सबसे पहले वायु और अग्नि नाम के दो चीतों को छोड़ा जाएगा। अधिकारी इन चीतों के व्यवहार को देखेंगे और फिर इसके बाद और चीतों को छोड़ा जाएगा। इसके लिए जंगल सफारी बनाने और नई भर्तियों का काम जोरों पर है। हाल ही में हुई चीता स्थायी समिति ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है।

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प्रजातियों के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना के तहत 2022 और 2023 के बीच नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से दो चरण में 20 चीते लाए गए थे। नामीबिया से आठ और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीता आए थे। हालांकि, इस परियोजना में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, क्योंकि आठ वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। इनमें से पांच नर और तीन मादा चीते थे, लेकिन अच्छी खबर यह है कि पैदा हुए 17 शावकों में से 6 शावकों की मौत के बाद 12 जीवित हैं। इससे कूनो में चीतों की कुल संख्या 24 हो गई है।
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पहले जंगल में छोड़े चीते संक्रमण की वजह से वापस लाए गए
इससे पहले राजस्थान और यूपी के सीमावर्ती इलाकों में मार्च 2023 में पवन, आशा, गौरव और शौर्य नाम के चीतों को छोड़ा गया था। ये चीते मुरैना, शिवपुर और झांसी के ललितपुर, करौली और बारां तक पहुंच गए थे। इस दौरान कॉलर बेल्ट से हुए संक्रमण से चीते की मौत हो गई, तो सभी को वापस लाया गया।
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जिस राज्य के जंगल में घूमेंगे वही रखेगा चीतों का ध्यान
चीतों को जंगल में छोड़े जाने के बाद जिस राज्य की सीमा में वे विचरण करेंगे, उनके भोजन, सुरक्षा और संरक्षण की जानकारी भी उसी राज्य के वन प्रभाग की होगी। यह फैसला बीते दिनों राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वन मंडल अधिकारियों की एक कार्यशाला में लिया गया है। पर्यावरण मंत्रालय स्नो लैपर्ड के दार्जिलिंग में संवर्धन के बाद अब उन्हें सिक्किम में बसाने के लिए तैयारी कर रहा है। इसके लिए जगह को चिह्नित कर ली गई है।


कीनिया और दक्षिण अफ्रीका से आएंगे और चीते
सरकार दक्षिण अफ्रीका और केन्या से और चीते लाने के लिए बातचीत कर रही है। इसके लिए वन्यजीव मंत्रालय की टीम जल्द ही कीनिया जा रही है। नई खेप के चीता को गांधी सागर वन्यजीव अभ्यारण्य में बसाने की योजना है। चीता की नई खेप में सात से 9 चीते हो सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उनके भोजन चीतल और अन्य वन्यजीवों को अन्य वन्यजीव अभ्यारण्यों से लाकर यहां छोड़ा जा चुका है।

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