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कहीं भी हो सकता है लुधियाना गैस लीक जैसा कांड: जानें कैसे बनती है जहरीली गैस, कहीं रिसाव हुआ तो क्या करें?
Sun, 30 Apr 2023 06:15 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sun, 30 Apr 2023 06:15 PM IST
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सार
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लुधियाना में जहरीली गैस का कहर
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अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के लुधियाना में दर्दनाक हादसा हुआ। जिले के ग्यासपुरा क्षेत्र में जहरीली गैस लीक होने से चार बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। 11 लोग अब भी बेसुध हालत में हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर इलाके को सील कर दिया है। किसी को घटनास्थल पर नहीं जाने दिया जा रहा है।पहली बार ऐसा नहीं हुआ है। इसके पहले भी कई जगह जहरीली गैस लीक होने के चलते लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर ये जहरीली गैस बनती कैसे है? अगर कहीं इसके रिसाव का मामला सामने आता है तो सबसे पहले क्या करना चाहिए? आइए समझते हैं...
पहले जानिए लुधियाना में क्या हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुधियाना के ग्यासपुरा क्षेत्र में एक दूध की दुकान पर सुबह लोग आना शुरू हुए थे। दुकान के पास ही एक सीवर का मेन होल खुला हुआ था। कहा जा रहा है कि यहीं से जहरीली गैस का रिसाव हुआ और एक के बाद एक 11 लोगों की मौत हो गई। इसमें पांच महिलाएं, चार पुरुष और दो बच्चे हैं। अब घटनास्थल के आसपास करीब एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया गया है। यहां रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। 11 अन्य लोग बेहोश हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लुधियाना के ग्यासपुरा क्षेत्र में एक दूध की दुकान पर सुबह लोग आना शुरू हुए थे। दुकान के पास ही एक सीवर का मेन होल खुला हुआ था। कहा जा रहा है कि यहीं से जहरीली गैस का रिसाव हुआ और एक के बाद एक 11 लोगों की मौत हो गई। इसमें पांच महिलाएं, चार पुरुष और दो बच्चे हैं। अब घटनास्थल के आसपास करीब एक किलोमीटर के दायरे को सील कर दिया गया है। यहां रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया गया है। 11 अन्य लोग बेहोश हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सीवर में कैसे बनती है जहरीली गैस?
इसे समझने के लिए हमने केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. उदित सक्सेना से बात की। उन्होंने कहा, 'सीवर मेनहोल में इंसानों के मल से गैस बनती है। इसमें एक साथ कई तरह के गैस होते हैं, इसके चलते ये जहरीली हो जाती है। मसलन, मेनहोल में एक साथ हाइड्रोजन सल्फाइड, आमोनिया, मेथेन और कार्बन डाई ऑक्साइड होती है। जिसके कारण गैस जहरीली हो जाती है और इसकी चपेट में आने वाले किसी की भी जान जा सकती है।'
डॉ. सक्सेना के मुताबिक, 'जहरीली गैस में सबसे ज्यादा मात्रा हाइड्रोजन सल्फाइड की होती है। यह इंसान के शरीर के सभी अंगों को डैमेज कर देती है। अगर ज्यादा मात्रा में इस गैस का रिसाव हो जाता है तो इंसान की मौके पर ही मौत हो जाती है। इसके बाद अमोनिया दूसरी जहरीली गैस होती है जो मेनहोल से निकलती है। यह गैस आंख, नाक और गले में कई तरह की दिक्कत पैदा करती है। आंखों में जलन और सांस में लेने में तकलीफ की वजह बन सकती है।'
डॉ. सक्सेना ने कहा, हाइड्रोजन सल्फाइड और अमोनिया के अलावा मेथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी गैस भी इंसान के शरीर पर बुरा असर डालती हैं। मेथेन एक ज्वलनशील गैस होती है। अगर इसमें आमोनिया मिल जाती है तो इंसान की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह कार्बन डाई ऑक्साइड होता है। इसके जरिए सिरदर्द, बेचैनी, सांस लेने में दिक्कत, पसीना छूटने, थकान, दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
इसे समझने के लिए हमने केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. उदित सक्सेना से बात की। उन्होंने कहा, 'सीवर मेनहोल में इंसानों के मल से गैस बनती है। इसमें एक साथ कई तरह के गैस होते हैं, इसके चलते ये जहरीली हो जाती है। मसलन, मेनहोल में एक साथ हाइड्रोजन सल्फाइड, आमोनिया, मेथेन और कार्बन डाई ऑक्साइड होती है। जिसके कारण गैस जहरीली हो जाती है और इसकी चपेट में आने वाले किसी की भी जान जा सकती है।'
डॉ. सक्सेना के मुताबिक, 'जहरीली गैस में सबसे ज्यादा मात्रा हाइड्रोजन सल्फाइड की होती है। यह इंसान के शरीर के सभी अंगों को डैमेज कर देती है। अगर ज्यादा मात्रा में इस गैस का रिसाव हो जाता है तो इंसान की मौके पर ही मौत हो जाती है। इसके बाद अमोनिया दूसरी जहरीली गैस होती है जो मेनहोल से निकलती है। यह गैस आंख, नाक और गले में कई तरह की दिक्कत पैदा करती है। आंखों में जलन और सांस में लेने में तकलीफ की वजह बन सकती है।'
डॉ. सक्सेना ने कहा, हाइड्रोजन सल्फाइड और अमोनिया के अलावा मेथेन, कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी गैस भी इंसान के शरीर पर बुरा असर डालती हैं। मेथेन एक ज्वलनशील गैस होती है। अगर इसमें आमोनिया मिल जाती है तो इंसान की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह कार्बन डाई ऑक्साइड होता है। इसके जरिए सिरदर्द, बेचैनी, सांस लेने में दिक्कत, पसीना छूटने, थकान, दिल की धड़कन बढ़ जाती है।
गैस रिसाव होने पर क्या करें?
डॉ. उदित सक्सेना कहते हैं कि अगर कहीं किसी को सड़न और बुरी गंध आती है तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। खासतौर पर सीवर मेनहोल के पास या किसी फैक्ट्री के पास इस तरह की दुर्गंध नुकसानदेह साबित हो सकती है। अगर दुर्गंध के चलते थकान, सिरदर्द, बेहोशी, उल्टी, मुंह-गला और फेफड़ों में दिक्कत होने और दौरा पड़ने जैसे लक्षण दिखते हैं तो तुरंत मरीज को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। इसके अलावा तुरंत गैस रिसाव की सूचना संबंधित विभाग को देनी चाहिए।
डॉ. उदित सक्सेना कहते हैं कि अगर कहीं किसी को सड़न और बुरी गंध आती है तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। खासतौर पर सीवर मेनहोल के पास या किसी फैक्ट्री के पास इस तरह की दुर्गंध नुकसानदेह साबित हो सकती है। अगर दुर्गंध के चलते थकान, सिरदर्द, बेहोशी, उल्टी, मुंह-गला और फेफड़ों में दिक्कत होने और दौरा पड़ने जैसे लक्षण दिखते हैं तो तुरंत मरीज को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। इसके अलावा तुरंत गैस रिसाव की सूचना संबंधित विभाग को देनी चाहिए।