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सुप्रीम कोर्ट: पीड़ित की उम्र कम होना ही मृत्युदंड का पर्याप्त आधार नहीं, फांसी को 30 साल की कैद में बदला
Tue, 09 Nov 2021 10:16 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 09 Nov 2021 10:16 PM IST
सार
जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की तीन सदस्यीय पीठ ने बीते 40 वर्षों में इसी तरह के 67 मामलों के अध्ययन के बाद यह फैसला सुनाया।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि दुष्कर्म या हत्या के मामले में पीड़ित की कम उम्र होना ही अभियुक्त को मौत की सजा सुनाने का एकमात्र या पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने दुष्कर्म व हत्या के दोषी व्यक्ति की फांसी की सजा को 30 साल की कैद में बदल दिया।
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जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की तीन सदस्यीय पीठ ने बीते 40 वर्षों में इसी तरह के 67 मामलों के अध्ययन के बाद यह फैसला सुनाया। शीर्ष कोर्ट ने कर्नाटक के इरप्पा सिद्दप्पा की अपील पर सुनवाई करते हुए उक्त टिप्पणी की।
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सिद्दप्पा को निचली अदालत ने 2010 में पांच वर्ष की बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और उसके बाद हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में 6 मार्च 2017 को कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था। इसके बाद सिद्दप्पा ने फांसी की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने पीठ ने सिद्दप्पा को अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और सुबूत मिटाने के अपराध का दोषी माना, लेकिन उसकी फांसी की सजा को दरकिनार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उसे 30 वर्ष की उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही यह भी शर्त लगाई कि सिद्दप्पा को किसी भी स्थिति में 30 साल की कैद पूरी होने से पहले रिहा नहीं किया जाएगा।
शत्रुघ्न बाबन मेशराम मामले का दिया हवाला
पीठ ने इस आदेश में शत्रुघ्न बाबन मेशराम मामले का हवाला दिया जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 40 वर्षों में आए 67 फैसलों का सर्वे किया गया था। इनमें से 51 में पीड़ित की आयु 12 वर्ष से कम थी। इन फैसलों में निचली अदालतों ने फांसी की सजा दी थी जिसे हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों में से सिर्फ 15 मामलों में मौत की सजा सुनाई थी। इनमें से भी तीन मामलों में पुनर्विचार के बाद सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। शेष 12 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई। इनमें पीड़ित की उम्र 16 या उससे कम थी।