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कानों देखी : भाजपा नेताओं के सपने में आ रहा है यूपी, 'चौकीदार चोर है' को नई धार देंगे राहुल गांधी
Tue, 19 Mar 2019 11:48 AM IST
अमर शर्मा
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 19 Mar 2019 11:48 AM IST
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राहुल गांधी-नरेंद्र मोदी
पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर अब हमारे बीच में नहीं रहे। परिकर पंचतत्व में विलीन हो गए। कई केंद्रीय मंत्रियों की हृदय के अंत:स्थल और आंखें नम हैं। सुरेश प्रभु की भी कहते हैं कभी परिकर ने ही प्रधानमंत्री मोदी के कोप से सुरेश प्रभु को बचाया था। सादगी पसंद, शानदार आउटपुट देने वाले मनोहर परिकर रक्षा मंत्रालय के कुछ अफसरों को भी बहुत याद आ रहे हैं। वह वास्तव में 'हाऊज द जोश' वाले आदमी थे। एक एडिशनल सेक्रेटरी को वह पिछले 100 सालों में पैदा हुए अद्भुत नेता नजर आ रहे हैं।
परिकर के साथ रक्षा मंत्रालय में उनकी टीम में काम कर चुके एक सूत्र की आंखों में भी आंसू हैं। महाराष्ट्रियन होने के नाते उन्हें परिकर के साथ जोड़ा गया था, लेकिन कुछ ही समय के भीतर उन्होंने परिकर को ऐसा मंत्री पाया कि गहरा लगाव हो गया।
इनमें से कई को लग रहा है कि परिकर नई दिल्ली बड़ी शान से आए थे। लेकिन बड़ी मुश्किल से गोवा गए। बताते हैं गोवा जाना, यूं कहें भेजा जाना, मनोहर परिकर की मजबूरी थी। हालात कुछ ऐसे बन रहे थे, मनोहर परिकर को गोवा जाना ही अच्छा लग रहा था और अब परिकर जी हमारे बीच में नहीं रहे।
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संघ के दुलारे राम माधव कहां अटके हैं
खबर है कि भाजपा महासचिव राम माधव की कोई खास नहीं चल पा रही है। जबकि कुछ समय पहले तक राम माधव की चुनाव तैयारियों पर तूती बोलती थी। जम्मू-कश्मीर से राम माधव का खास लगाव सा हो गया था। उस मोर्चे पर भी कोई उनसे राय मशविरा नहीं ले रहा है।
यहां तक कि वह लोकसभा चुनाव 2019 में भी क्या जिम्मेदारी संभालेंगे, तय नहीं है। जबकि राम माधव, विनय सहस्रबुद्धे समेत तमाम संघ पृष्ठभूमि के नेताओं के पास चुनाव प्रचार, उसकी रणनीति पर काम करने वाले काफी युवा प्रोफेशनल्स हैं।
यह हालत तब है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कई रूठों को मनाने में सफल हुए हैं। गुजरात के नेता गोवर्धन झड़पिया अब सीधे प्रधानमंत्री मोदी को रिपोर्ट कर रहे हैं। मोदी जी से 36 का आंकड़ा रखने वाले संजय जोशी भी इस समय 'नमो अगेन' के प्रयास में जुट रहे हैं।
संघ के प्रभावशाली कृष्ण गोपाल ने भी भाजपा को मजबूत आधार देना शुरू कर दिया है। काफी समय बाद सुरेश सोनी की सक्रियता बढ़ी है। दत्तात्रेय होसबोले के पास भी अहम जिम्मेदारी है। यह स्थिति तब है जब ग्वालियर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ और भाजपा के बीच में संगठनात्मक स्तर पर एक दूरी का संकेत दे दिया है।
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परिकर के साथ रक्षा मंत्रालय में उनकी टीम में काम कर चुके एक सूत्र की आंखों में भी आंसू हैं। महाराष्ट्रियन होने के नाते उन्हें परिकर के साथ जोड़ा गया था, लेकिन कुछ ही समय के भीतर उन्होंने परिकर को ऐसा मंत्री पाया कि गहरा लगाव हो गया।
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इनमें से कई को लग रहा है कि परिकर नई दिल्ली बड़ी शान से आए थे। लेकिन बड़ी मुश्किल से गोवा गए। बताते हैं गोवा जाना, यूं कहें भेजा जाना, मनोहर परिकर की मजबूरी थी। हालात कुछ ऐसे बन रहे थे, मनोहर परिकर को गोवा जाना ही अच्छा लग रहा था और अब परिकर जी हमारे बीच में नहीं रहे।
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संघ के दुलारे राम माधव कहां अटके हैं
खबर है कि भाजपा महासचिव राम माधव की कोई खास नहीं चल पा रही है। जबकि कुछ समय पहले तक राम माधव की चुनाव तैयारियों पर तूती बोलती थी। जम्मू-कश्मीर से राम माधव का खास लगाव सा हो गया था। उस मोर्चे पर भी कोई उनसे राय मशविरा नहीं ले रहा है।
यहां तक कि वह लोकसभा चुनाव 2019 में भी क्या जिम्मेदारी संभालेंगे, तय नहीं है। जबकि राम माधव, विनय सहस्रबुद्धे समेत तमाम संघ पृष्ठभूमि के नेताओं के पास चुनाव प्रचार, उसकी रणनीति पर काम करने वाले काफी युवा प्रोफेशनल्स हैं।
यह हालत तब है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कई रूठों को मनाने में सफल हुए हैं। गुजरात के नेता गोवर्धन झड़पिया अब सीधे प्रधानमंत्री मोदी को रिपोर्ट कर रहे हैं। मोदी जी से 36 का आंकड़ा रखने वाले संजय जोशी भी इस समय 'नमो अगेन' के प्रयास में जुट रहे हैं।
संघ के प्रभावशाली कृष्ण गोपाल ने भी भाजपा को मजबूत आधार देना शुरू कर दिया है। काफी समय बाद सुरेश सोनी की सक्रियता बढ़ी है। दत्तात्रेय होसबोले के पास भी अहम जिम्मेदारी है। यह स्थिति तब है जब ग्वालियर में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ और भाजपा के बीच में संगठनात्मक स्तर पर एक दूरी का संकेत दे दिया है।
सपने में आ रहा है यूपी
योगी आदित्यनाथ
- फोटो : PTI
उत्तर प्रदेश (यूपी) में सबसे अधिक 80 लोकसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में भाजपा को थोक के भाव मिली थी, इस बार अमित शाह 74 सीटें मिलने का दावा जरूर कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे की टीम के सदस्यों को भरोसा कम हो रहा है। वह अब 74 न सही लेकिन 55-60 मानकर चल रहे हैं। संघ के इलाहाबाद में सक्रिय प्रचारक के मुताबिक जातिगत समीकरणों के कारण बसपा-सपा-रालोद का गठबंधन 20-22 में सिमट जाएगा।
कांग्रेस को प्रियंका के आने पर भी बस दो सीट मिल जाए तो बहुत है। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रियंका के चुनाव प्रचार में उतरने से कांग्रेस जहां कुछ वोट बढ़ेगा, वहीं वह कुछ क्षेत्रों में भाजपा का काटकर हमें नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हालांकि सूत्र का कहना है कि गाजियाबाद से लेकर गोरखपुर तक और नई दिल्ली में भाजपा हाईकमान तक सबको यूपी के ही सपने आ रहे हैं। यूपी के नेताओं का कहना है कि आठ चरणों में मतदान होने से भाजपा नेताओं ने राहत की सांस ली है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के हर क्षेत्र को काफी समय दे पाएंगे।
गुरूद्वारा रकाबगंज रोड स्थित कांग्रेस के वार रूम में नियमित सक्रिय रहने वाले सूत्र का कहना है कि धीरे-धीरे यह मुद्दा कमजोर पड़ रहा था। इसे उच्चतम न्यायालय में सुनवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई धार दे दी है। बताते हैं 22 मार्च को होली का त्योहार बीत जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के बड़े नेता एक बार फिर 'चौकीदार चोर है' कि निर्णायक मुहिम छेड़ने वाले हैं।
कांग्रेस को प्रियंका के आने पर भी बस दो सीट मिल जाए तो बहुत है। भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रियंका के चुनाव प्रचार में उतरने से कांग्रेस जहां कुछ वोट बढ़ेगा, वहीं वह कुछ क्षेत्रों में भाजपा का काटकर हमें नुकसान पहुंचा सकती हैं।
हालांकि सूत्र का कहना है कि गाजियाबाद से लेकर गोरखपुर तक और नई दिल्ली में भाजपा हाईकमान तक सबको यूपी के ही सपने आ रहे हैं। यूपी के नेताओं का कहना है कि आठ चरणों में मतदान होने से भाजपा नेताओं ने राहत की सांस ली है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के हर क्षेत्र को काफी समय दे पाएंगे।
चौकीदार चोर है को नई धार देंगे राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टीम की खुशी का ठिकाना तब नहीं रहा, जब प्रधानमंत्री ने खुद इसे कैंपेन का हिस्सा बना दिया। प्रधानमंत्री के ट्विटर हैंडल पर चौकीदार शब्द के जुड़ते ही भाजपा के तमाम नेताओं में 'मैं भी हूं चौकीदार' की मुहिम में शामिल होने की होड़ दिखने लगी। राहुल गांधी की टीम इसे अपनी बड़ी सफलता और प्रधानमंत्री की राफेल लड़ाकू विमान मुद्दे से घबराहट मान रही है।गुरूद्वारा रकाबगंज रोड स्थित कांग्रेस के वार रूम में नियमित सक्रिय रहने वाले सूत्र का कहना है कि धीरे-धीरे यह मुद्दा कमजोर पड़ रहा था। इसे उच्चतम न्यायालय में सुनवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई धार दे दी है। बताते हैं 22 मार्च को होली का त्योहार बीत जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी के बड़े नेता एक बार फिर 'चौकीदार चोर है' कि निर्णायक मुहिम छेड़ने वाले हैं।
शरद त्रिपाठी ने जूता चलाया और टिकट भी लेंगे?
भाजपा सांसद शरद त्रिपाठी भाजपा विधायक राकेश सिंह बघेल पर जूता चलाते हुए
- फोटो : Social Media
भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे संत कबीर नगर के सांसद शरद त्रिपाठी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसी के पक्षधर बताए जा रहे हैं। महेंद्र नाथ पांडे का मानना है कि जूता मारने वाले सांसद और जूता खाकर तमाचा मारने वाले विधायक दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
यूपी से ताल्लुक रखने वाले एक बड़े नेता का कहना है कि बताइए भला सांसद जी जूता भी मारेंगे और टिकट भी लेंगे। हालांकि विधायक जी के लिए अच्छी बात यह है कि कोई विधानसभा चुनाव अभी दो साल बाद होना है।
वहीं सांसद से सहानुभूति रखने वालों की कमी नहीं है। शरद त्रिपाठी यूपी के पूर्व अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी के पुत्र हैं। रमापतिराम त्रिपाठी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबियों में हैं। केंद्रीय दूर संचार मंत्री मनोज सिन्हा समेत कई नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं।
ऐसे में डैमेज कंट्रोल की कोशिश चल रही है। साथ में प्रयास भी कि कदाचित टिकट कटे भी तो ब्राह्मण को ही मिले। ब्राह्मण भी त्रिपाठी परिवार की पसंद या फिर उसी परिवार का हो। देखिए यह मुहिम भी कितना रंग लाती है।
यूपी से ताल्लुक रखने वाले एक बड़े नेता का कहना है कि बताइए भला सांसद जी जूता भी मारेंगे और टिकट भी लेंगे। हालांकि विधायक जी के लिए अच्छी बात यह है कि कोई विधानसभा चुनाव अभी दो साल बाद होना है।
वहीं सांसद से सहानुभूति रखने वालों की कमी नहीं है। शरद त्रिपाठी यूपी के पूर्व अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी के पुत्र हैं। रमापतिराम त्रिपाठी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबियों में हैं। केंद्रीय दूर संचार मंत्री मनोज सिन्हा समेत कई नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं।
ऐसे में डैमेज कंट्रोल की कोशिश चल रही है। साथ में प्रयास भी कि कदाचित टिकट कटे भी तो ब्राह्मण को ही मिले। ब्राह्मण भी त्रिपाठी परिवार की पसंद या फिर उसी परिवार का हो। देखिए यह मुहिम भी कितना रंग लाती है।
चौधरी अजीत सिंह अपने तोहफे से खुश
रालोद अध्यक्ष अजित सिंह
- फोटो : amar ujala
चौधरी अजीत सिंह मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के संजीव बालियान ने अपना दफ्तर खोल लिया है। भाजपा के नेता बताते हैं कि उन्हें अमित शाह ने काफी पहले क्षेत्र में जाकर तैयारी करने के लिए कह दिया है। बालियान ने बाकायदा कार्यलय भी खोल लिया है।
डा. सत्यपाल सिंह बागपत में कमर कस रहे हैं तो मेरठ से चार लाख के करीब वैश्य वोट देखते हुए मौजूदा सांसद राजेंद्र अग्रवाल को फिर उतारा जा सकता है। सत्यपाल के खिलाफ चौधरी अजीत सिंह के बेटे जयंत चुनाव मैदान में हैं।
बागपत चौधरी अजीत सिंह की परंपरागत सीट है। ऐसे में चौधरी अजीत सिंह सपा-बसपा से मिले इस तोहफे से ही खुश हैं। चौधरी साहब को भरोसा है कि मुजफ्फरनगर में अल्पसंख्य उन्हें आंख मूंदकर वोट करेगा। जाट नेता वह बड़े हैं ही। बाकी जातियां भी उन्हें वोट देंगी।
बागपत भी हारने का इस बार सवाल नहीं है। लिहाजा चौधरी के दोनों हाथ में लडडू में हैं, क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय लोकदल की पूरी राजनीति पुनर्जीवित होती दिखाई दे रही हैं।