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Hindi News ›   India News ›   Lokpal has received 4,244 corruption complaints between April 2021 to January 2022

भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ीं: वित्तीय वर्ष 2021-22 में लोकपाल को मिली 4244 शिकायतें, 2020-21 के मुकाबले 80 फीसदी की बढ़ोतरी

Thu, 03 Mar 2022 05:43 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 03 Mar 2022 05:43 PM IST
सार

वित्तीय वर्ष 2021-22 में ऑनलाइन,ऑफलाइन और ई-मेल द्वारा भ्रष्टाचार की कुल 4244 शिकायतें मिलीं। इसी तरह 2020-21 में कुल 2355 शिकायतें प्राप्त हुईं थीं।
 

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Lokpal has received 4,244 corruption complaints between April 2021 to January 2022
लोकपाल - फोटो : social media

विस्तार

इस वित्तीय वर्ष में पिछली बार की अपेक्षा भ्रष्टाचार की ज्यादा शिकायतें सामने आईं है। 2020-21 का तुलना में इस वित्तीय वर्ष में भ्रष्टाचार रोधी निकाय लोकपाल को 80 प्रतिशत ज्यादा शिकायतें मिली हैं।लोकपाल के भ्रष्टाचार की 4244 शिकायतें मिली हैं। ये आंकड़ा अप्रैल 2021 से लेकर 31 जनवरी 2022 तक का है। जो 2020-21 से अस्सी प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1427 शिकायतें मिली थीं। 

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लोकपाल ने एक आरटीआई का जवाब देते हुए बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन और ई-मेल द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 4244 शिकायतें मिलीं। इसी तरह 2020-21 में कुल 2355 शिकायतें प्राप्त हुईं। मार्च 2020 में सरकार ने लोक सेवकों या नेताओं के खिलाफ लोकपाल के पास शिकायतें दर्ज करने के लिए एक प्ररूप जारी किया था।  
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लोकपाल में शिकायत करने के लिए सभी शिकायकर्ताओं को एक गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर हलफनामा देना होता है, जिसपर शिकायतों के साथ अन्य बातों का उल्लेख भी देना होता है। साथ ही यदि किसी लोक सेवक के खिलाफ गलत या परेशान करने वाली शिकायत की जाती है तो ऐसे में शिकायतकर्ता को एक वर्ष तक कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माने की सजा दी जा सकती है। लोक सेवक के खिलाफ की जाने वाली शिकायत में उसके द्वारा किसी अपराध के किए जाने के आरोपों का विवरण होना चाहिए।
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गौरतलब है कि लोकपाल के पास भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन सिस्टम का उद्घाटन पिछले साल दिसंबर में किया गया था। 23 मार्च, 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधान मंत्री और अन्य सार्वजनिक पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए लोकपाल के अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष को पद की शपथ दिलाई थी।

 

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