विज्ञापन
विज्ञापन

स्पीकर ओम बिड़ला का बदलाव लाया रंग, बजट सत्र में 9 बिल पारित होने का रिकॉर्ड

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 20 Jul 2019 08:10 PM IST
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला (फाइल फोटो)
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
ख़बर सुनें
लोकसभा के नवनियुक्त स्पीकर ओम बिड़ला ने शुक्रवार को एक महीना पूरा कर लिया है। इस दौरान 17वीं लोकसभा में उन्होंने 6 से ज्यादा महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इनमें संसदीय कार्यवाही के दौरान एक घंटे के शून्य काल की परंपरा खत्म करने के अलावा विपक्ष को बहस के अंत में मंत्री के जवाब के बाद सफाई का मौका देने जैसी नई परंपरा की शुरुआत भी शामिल है। गुरुवार को लोकसभा में सबसे लंबी अवधि का शून्यकाल हुआ। इसमें रिकॉर्ड 162 सांसदों ने मुद्दे उठाए। 

विज्ञापन
ऐसा पहली बार हुआ


बीते करीब एक महीने से चल रहे पहले सत्र की उत्पादकता फिलहाल 130 फीसदी है। प्रश्नकाल में प्रतिदिन औसतन 3 से 4 सवाल की जगह 8 से 9 सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है जब पहले ही सत्र में पहली बार चुन कर आए करीब 90 सांसदों को पहले ही सत्र में बोलने का मौका मिला हो।

बीते गुरुवार को स्पीकर ओम बिड़ला ने सबसे लंबी अवधि (4 घंटे 48 मिनट) का शून्यकाल चलाने का कीर्तिमान बनाया। कार्यवाही रात 11 बजे तक चली। इस दौरान 30 फीसदी सांसदों ने मुद्दे उठाए। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक अब तक इतनी लंबी अवधि के शून्यकाल का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इससे पहले शून्यकाल में कभी भी 70 से अधिक सांसदों ने मुद्दे नहीं उठाए हैं। वर्तमान सत्र में अब तक नौ बिलों को मंजूरी मिल चुकी है।
 

प्रश्नकाल का भी बदला चेहरा


नए निजाम में कार्यवाही का अहम हिस्सा प्रश्नकाल का भी चेहरा बदल गया है। पहले बेहतर स्थिति में भी प्रतिदिन औसतन तीन से चार सवाल ही पूछे जाते रहे हैं। इस बार पांचवें हफ्ते तक प्रतिदिन प्रश्न पूछे जाने का औसत करीब नौ है। प्रतिदिन एक ही मंत्रालय के सवाल को उससे मिलते जुलते दूसरे सवालों से जोड़ा जा रहा है। पहले ही सत्र में स्पीकर ने सूची का सबसे अंतिम और 20वां सवाल पुछवाकर सबको हैरत में डाला था। नतीजा यह रहा कि संसद में इस बजट सत्र के दौरान पिछले 20 साल की तुलना में कामकाज की दर 128 फीसदी रही। बजट सत्र के दौरान अब तक 21 बिल पेश किए गए, जिनमें से 9 पारित हो चुके हैं।

हर लोकसभा में सांसद बोलने का मौका नहीं मिलने का रोना रोते रहे हैं। इस बार तस्वीर इसके उलट है। इस लोकसभा में पहली बार चुन कर आए 277 सांसदों में से 90 फीसदी सांसदों को पहले ही सत्र में बोलने का मौका मिल चुका है। पहली बार स्पीकर ने शून्यकाल के किसी नोटिस को अस्वीकार नहीं किया है। इसके कारण कार्यवाही और शून्यकाल का समय भी करीब करीब प्रतिदिन बढ़ाना पड़ा है।
 
विज्ञापन

Recommended

डिजिटल मीडिया में करियर की संभावनाओं पर नि:शुल्क काउंसलिंग का आयोजन
TAMS

डिजिटल मीडिया में करियर की संभावनाओं पर नि:शुल्क काउंसलिंग का आयोजन

घर बैठे इस पितृ पक्ष गया में पूरे विधि-विधान एवं संकल्प के साथ कराएं श्राद्ध पूजा, मिलेगी पितृ दोषों से मुक्ति
Astrology Services

घर बैठे इस पितृ पक्ष गया में पूरे विधि-विधान एवं संकल्प के साथ कराएं श्राद्ध पूजा, मिलेगी पितृ दोषों से मुक्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

अगस्ता वेस्टलैंड: जेल में बंद क्रश्चियन मिशेल से पूछताछ के लिए सीबीआई ने अदालत में दायर की अर्जी

अगस्ता वैस्टलैंड हैलिकॉप्टर घोटाले के मामले में जेल में बंद कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल से पूछताछ के लिए सीबीआई ने दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में अर्जी दायर की है।

17 सितंबर 2019

विज्ञापन

ट्रायल के दौरान कर्नाटक में क्रैश हुआ डीआरडीओ का यूएवी रुस्तम 2

डीआरडीओ का एक अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) रुस्तम 2 कर्नाटक में क्रैश हो गया। ये हादसा ट्रायल के दौरान हुआ।

17 सितंबर 2019

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree