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Lok Sabha: 'शर्म आती है कि कांग्रेस इस तरह की बात कर रही है', प्रोटेम स्पीकर को लेकर उठे विवाद पर भड़के रिजिजू
Fri, 21 Jun 2024 09:00 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 21 Jun 2024 09:00 PM IST
सार
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वरिष्ठता की अनदेखी कर भाजपा संसदीय मानदंडों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। इन्हीं आरोपों को लेकर शुक्रवार को किरेन रिजिजू ने जवाब दिया।
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किरेन रिजिजू।
- फोटो : PTI
विस्तार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति पर जारी विवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। रिजिजू ने कांग्रेस का नाम लेते हुए पार्टी पर मुद्दे के राजनीतिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लगातार सबसे लंबे समय से सदन के सदस्य भाजपा नेता भर्तृहरि महताब के चयन में परंपराओं का पालन किया गया है। रिजिजू ने कहा कि मुझे शर्म आती है कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की बयानबाजी कर रही है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा से सात बार के लोकसभा सांसद महताब को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। प्रोटेम स्पीकर के तौर पर वे लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। हालांकि, गुरुवार को इस एलान के साथ ही कांग्रेस ने इस पद के लिए आठ बार के लोकसभा सदस्य सुरेश की अनदेखी के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर संसदीय मापदंडों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
इस पर विपक्ष को घेरते हुए रिजिजू ने दावा किया कि सुरेश आठ बार के सांसद हैं, लेकिन 1998 और 2004 में वह लोकसभा के सदस्य नहीं थे। इसलिए वह लगातार सांसद नहीं रहे हैं। जब उनसे कांग्रेस के इस दावे के बारे में पूछा गया कि सुरेश को इस पद के लिए इसलिए नजरअंदाज किया गया, क्योंकि वह दलित हैं तो रिजिजू ने कहा, "क्या आपको लगता है कि इस तरह की बयानबाजी जायज है?" उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर इस मुद्दे को लेकर झूठ फैलाने और भ्रामक बयान देने का आरोप लगाया।
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संसदीय कार्य मंत्री ने पिछले उदाहरणों का हवाला देते हुए दावा किया कि एनडीए सरकार ने 2004 में वरिष्ठता सिद्धांत की अनदेखी कर आठ बार के सांसद बालासाहेब विखे-पाटिल को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया था, जबकि जॉर्ज फर्नांडिस नौ बार के लोकसभा सदस्य थे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी प्रोटेम स्पीकर के पद के लिए पीएम सईद और गिरिधर गमांग के दावों को नजरअंदाज किया है।
क्या है भृतहरि महताब के नाम पर विवाद?
जैसे ही संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भृतहरि महताब के नाम का एलान किया, वैसे ही कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि उनकी पार्टी के आठ बार के सांसद कोडिकुनिल सुरेश सबसे वरिष्ठ सांसद हैं, ऐसे में उन्हें लोकसभा का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया जाना चाहिए, जबकि महताब सात बार के ही सांसद हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वरिष्ठता की अनदेखी कर भाजपा संसदीय मानदंडों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि परंपरा के अनुसार, जिस सांसद ने संसद में अधिकतम कार्यकाल पूरा किया है, उसे प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाना चाहिए।
कौन हैं भृतहरि महताब?
8 सितंबर 1957 को ओडिशा के भद्रक में जन्में भृतहरि महताब, ओडिशा के पहले मुख्यमंत्री डॉ. एच महताब के बेटे हैं। महताब, नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पार्टी बीजू जनता दल के संस्थापक सदस्य हैं और कभी वह नवीन पटनायक के बेहद खास हुआ करते थे। महताब छह बार बीजद के टिकट पर ही लोकसभा पहुंचे। हालांकि हालिया लोकसभा चुनाव से पहले भृतहरि महताब ने बीजद छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली थी और अब वह भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं।
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गौरतलब है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा से सात बार के लोकसभा सांसद महताब को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। प्रोटेम स्पीकर के तौर पर वे लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाने की जिम्मेदारी निभाएंगे। हालांकि, गुरुवार को इस एलान के साथ ही कांग्रेस ने इस पद के लिए आठ बार के लोकसभा सदस्य सुरेश की अनदेखी के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर संसदीय मापदंडों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
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इस पर विपक्ष को घेरते हुए रिजिजू ने दावा किया कि सुरेश आठ बार के सांसद हैं, लेकिन 1998 और 2004 में वह लोकसभा के सदस्य नहीं थे। इसलिए वह लगातार सांसद नहीं रहे हैं। जब उनसे कांग्रेस के इस दावे के बारे में पूछा गया कि सुरेश को इस पद के लिए इसलिए नजरअंदाज किया गया, क्योंकि वह दलित हैं तो रिजिजू ने कहा, "क्या आपको लगता है कि इस तरह की बयानबाजी जायज है?" उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर इस मुद्दे को लेकर झूठ फैलाने और भ्रामक बयान देने का आरोप लगाया।
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संसदीय कार्य मंत्री ने पिछले उदाहरणों का हवाला देते हुए दावा किया कि एनडीए सरकार ने 2004 में वरिष्ठता सिद्धांत की अनदेखी कर आठ बार के सांसद बालासाहेब विखे-पाटिल को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया था, जबकि जॉर्ज फर्नांडिस नौ बार के लोकसभा सदस्य थे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी प्रोटेम स्पीकर के पद के लिए पीएम सईद और गिरिधर गमांग के दावों को नजरअंदाज किया है।
क्या है भृतहरि महताब के नाम पर विवाद?
जैसे ही संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भृतहरि महताब के नाम का एलान किया, वैसे ही कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि उनकी पार्टी के आठ बार के सांसद कोडिकुनिल सुरेश सबसे वरिष्ठ सांसद हैं, ऐसे में उन्हें लोकसभा का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया जाना चाहिए, जबकि महताब सात बार के ही सांसद हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वरिष्ठता की अनदेखी कर भाजपा संसदीय मानदंडों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि परंपरा के अनुसार, जिस सांसद ने संसद में अधिकतम कार्यकाल पूरा किया है, उसे प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाना चाहिए।
कौन हैं भृतहरि महताब?
8 सितंबर 1957 को ओडिशा के भद्रक में जन्में भृतहरि महताब, ओडिशा के पहले मुख्यमंत्री डॉ. एच महताब के बेटे हैं। महताब, नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पार्टी बीजू जनता दल के संस्थापक सदस्य हैं और कभी वह नवीन पटनायक के बेहद खास हुआ करते थे। महताब छह बार बीजद के टिकट पर ही लोकसभा पहुंचे। हालांकि हालिया लोकसभा चुनाव से पहले भृतहरि महताब ने बीजद छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली थी और अब वह भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं।