फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Rajya Sabha spent less than 30 percent of time on legislative business this year

Parliamentary Report: संसद में 30 प्रतिशत से भी कम समय विधायी कामकाज पर हुआ खर्च, प्रश्नकाल भी रहा प्रभावित

Wed, 31 Dec 2025 08:57 PM IST
अमन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 31 Dec 2025 08:57 PM IST
सार

पीआरएस लेजिस्लेटिव की रिपोर्ट के अनुसार इस साल लोकसभा और राज्यसभा ने अपने समय का 30 प्रतिशत से भी कम हिस्सा विधायी कामकाज में लगाया। इस बार प्रश्नकाल भी तय समय से कम चला। इस दौरान संसद ने 31 विधेयक पारित किए।

विज्ञापन
Lok Sabha Rajya Sabha spent less than 30 percent of time on legislative business this year
भारतीय संसद - फोटो : पीटीआई

विस्तार

एक विधायी शोध संस्था 'पीआरएस लेजिस्लेटिव' ने एक रिपोर्ट में बताया इस साल लोकसभा और राज्यसभा ने अपने समय का 30 प्रतिशत से भी कम हिस्सा विधायी कामकाज पर खर्च किया। इसमें बिलों पर चर्चा करना और उन्हें पास करने में लगा समय भी शामिल है। शोध संस्था ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस साल प्रश्नकाल तय समय से कम समय तक चला। बता दें कि लोकसभा में प्रश्नकाल सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक होता है, वहीं राज्यसभा में यह दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक होता है। 
विज्ञापन


2025 में 31 विधेयक हुए पारित
इस साल 2025 में संसद ने कुल 31 विधेयक पारित किए। इनमें भारत में वक्फ संपत्तियों के नियमों में बदलाव करने वाला विधेयक और आयकर कानूनों को सरल बनाने वाला विधेयक शामिल है। इसके अलावा, ऑनलाइन धन वाले खेलों (मनी गेम्स) और संबंधित सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया। साथ ही, परमाणु ऊर्जा और बीमा क्षेत्रों को भी खोल दिया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Delhi Traffic Advisory: नववर्ष का जश्न मनाने के लिए बाहर निकलने से पहले पढ़ लें एडवाइजरी; पुलिस रहेगी मुस्तैद
विज्ञापन
विज्ञापन


मनरेगा में भी हुआ बड़ा बदलाव
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) 2005 में भी संशोधन किया गया। इस योजना के अंतर्गत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। केंद्र और राज्य के बीच राशि का विभाजन 60:40 के अनुपात में होगा, जबकि पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 रहेगा।

संसदीय समितियों की भूमिका
18वीं लोकसभा के कार्यकाल के दौरान संसद में 42 विधेयक पेश किए गए। इनमें से 26 प्रतिशत यानी 11 विधेयकों को विस्तृत जांच के लिए संसदीय समितियों के पास भेजा गया। केवल एक विधेयक को विभाग से संबंधित स्थायी समिति के पास भेजा गया है। जांच के लिए भेजे गए विधेयकों में एक साथ चुनाव कराने पर दो विधेयक और हिरासत में लिए गए मंत्रियों को हटाने से संबंधित तीन विधेयक भी शामिल हैं। संयुक्त समितियां इन विधेयकों के प्रत्येक समूह की एक साथ जांच कर रही हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed