फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Polls question and answer with shivsena leader Sandeep Shinde

LS Polls: 'असली शिवसेना तो ठाकरे घराने की, शिंदे को तो BJP ने दी नकली पार्टी', ठाणे में उद्धव के करीबी का बयान

Sat, 04 May 2024 04:11 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Sat, 04 May 2024 04:11 PM IST
विज्ञापन
सार
ठाणे की सियासत पर चुनौती की बात करते हुए संदीप शिंदे ने कहा कि वह हमेशा से चुनौतियां स्वीकार करते हुए ही यहां तक पहुंचे हैं। 
loader
Lok Sabha Polls question and answer with shivsena leader Sandeep Shinde
संदीप शिंदे - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मुंबई से लगता हुआ ठाणे वह इलाका है, जो शिवसेना का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। लेकिन बीते कुछ साल से सियासी तौर पर इसी शहर ने सबसे ज्यादा सियासी हलचल भी मचाई। इस शहर ने देश की राजनीति में न सिर्फ बड़ी जगह बनाई, बल्कि चर्चा का केंद्र भी बना। दरअसल बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के नेताओं को अपने साथ जोड़कर ठाणे के ही वरिष्ठ नेता रहे एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अब जब लोकसभा चुनाव हो रहे हैं, तो ठाणे की सियासत एक बार फिर से केंद्र में हैं। उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना और एकनाथ शिंदे की शिवसेना लगातार दावा कर रही है अपनी जीत का। इन दावों ने बीच अमर उजाला डॉट कॉम ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना के ठाणे संभाग के प्रमुख संदीप शिंदे से बातचीत की। पेश हैं बातचीत के अंश।



सवाल: ठाणे की सियासत कठिन हो गई है। कितना चैलेंज हो गया है आपके लिए।
जवाब: देखिए चैलेंज तो बिल्कुल नहीं है और हम तो हमेशा से चुनौतियां ही स्वीकार करते-करते यहां तक आए हैं। इसलिए हम लोग चुनौती तो किसी को मानते हैं। 

सवाल: यह बात तो एकनाथ शिंदे की सेना भी कह रही है। वह कहते हैं कि उनके लिए कोई चुनौती नहीं है। तो चुनाव में लड़ाई किससे है।
जवाब: लड़ाई में कोई है ही नहीं। हम लोग धर्मवीर आनंद दिघे और बालासाहेब के विचारों से प्रेरित हैं। हम लोग उससे प्रेरणा लेकर काम करते रहे हैं और उसी के साथ आगे भी काम करेंगे। कोई कुछ भी कहता रहे। लेकिन जनता को सब पता है। 

सवाल: ठाणे तो शिवसेना का गढ़ रहा है और यहीं पर अब दो शिवसेना चुनाव लड़ रही हैं। असर तो पड़ेगा न?
जवाब: देखिए, जो शिवसेना उनके पास (एकनाथ शिंदे) है, वह तो भाजपा ने उनको दी है। सही और असली शिवसेना तो ठाकरे घराने की ही है।

सवाल: आपको लगता है कि असली शिवसेना ठाकरे घराने की है। लेकिन दावा तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना चुनाव चिन्ह के साथ कर रही है।
जवाब: अब जब गद्दारी हुई है, तो उसमें क्या कर सकते हैं। लेकिन इतना पता है कि यह लोग आएंगे और चले जाएंगे। लेकिन बालासाहेब ठाकरे के विचारों की शिवसेना को कोई खत्म नहीं कर सकता। हमारी पार्टी ही असली शिवसेना है। इसलिए आप देखिएगा उद्धव ठाकरे की ही शिवसेना इस बार चुनकर आने वाली है ।

सवाल: लेकिन ठाणे तो मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ है। इसका असर कुछ पड़ेगा यहां के चुनाव पर? 
जवाब: कुछ असर नहीं पड़ेगा। यहां के लोगों को पता है कि बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना के साथ गद्दारों ने क्या किया है। दो साल में कैसा राजनीति का खेल खेला गया। सबको पता है। जिनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, वह सब तो भारतीय जनता पार्टी के साथ चले गए। 

सवाल: पिछले चुनाव में तो आप लोग कांग्रेस और एनसीपी के विरोध में थे। इस बार तो सभी एक हो गए। जवाब तो आपको इस पर भी देना होगा। क्योंकि लोग यह सवाल तो उठाते ही होंगे।
जवाव: यही हमारी ताकत है अब। कांग्रेस, राष्ट्रवादी और आम आदमी पार्टी जैसे दिग्गज राजनीतिक दलों के साथ हम सब लोग मिलकर गद्दारों को सबक सिखाने के लिए मैदान में उतरे हैं। आप बस नतीजों का इंतजार करिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed