फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lok Sabha Polls Assembly election in Odisha Naxal hotbed of Malkangiri people ready to vote news in hindi

Odisha: नक्सलियों का गढ़ मलकानगिरी के लोग लिखेंगे नया अध्याय, एक दशक के बाद पहली बार करेंगे मताधिकार का प्रयोग

Sat, 11 May 2024 01:14 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 11 May 2024 01:14 PM IST
सार

मीडिया से बात करते हुए मलकानगिरी के एसपी नितेश वाधवानी ने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के बाद नक्सलियों का डर कम हो गया। पिछले डेढ़ साल से यहां नक्सली गतिविधियों के मामले दर्ज नहीं किए गए हैं।

विज्ञापन
Lok Sabha Polls Assembly election in Odisha Naxal hotbed of Malkangiri people ready to vote news in hindi
मलकानगिरी के निवासी - फोटो : ANI

विस्तार

लोकसभा चुनाव के मतदान के बीच ओडिशा के मलकानगिरी जिले के चित्रकोंडा ब्लॉक में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। कई वर्षों के बाद यहां के स्थानीय लोग मतदान करने वाले हैं। दरअसल, एक समय ऐसा था जब यह वामपंथ नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था, लेकिन समय के साथ-साथ स्थिति में सुधार हुआ। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थितियां कितनी तेजी से बदली हैं, यह इस बात से ही साफ है कि जहां कभी बीएसएफ के कैम्प्स में वोटिंग के इंतजाम किए जाते थे, वहां अब प्रखंडों में यह व्यवस्था की जाती है
विज्ञापन


एक दशक के बाद स्वाभिमान क्षेत्र के लोग करेंगे अपना मताधिकार का प्रयोग
लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए स्वाभिमान अंचल के नौ ग्रााम पंचायतों के गांवों में तीस नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। क्षेत्र में 13 मई को मतदान होने वाला है। मतदान को लेकर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। पहली बार मतदान करने वाले काफी ज्यादा उत्साहित हैं। स्वाभिमान क्षेत्र में एक दशक के बाद ऐसा पहली बार होगा, जब यहां के लोग बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 
विज्ञापन


क्षेत्र में पहले मतदान सामग्री को हेलीकॉप्टरों के जरिए ले जाया जाता था और बीएसएफ शिविरों के पास कड़ी सुरक्षा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को पहुंचाया जाता था। 2019 के लोकसभा चुनाव में कम से कम 12 मतदान कंद्रों पर शून्य मतदान दर्ज किया गया था। नक्सलियों ने यहां मतदाताओं को धमकी दी थी, जिसके डर से स्थानीय लोगों को चुनाव का बहिष्कार करना पड़ा था। इससे पहले 2014 में नक्सलियों ने कुछ मतदान केंद्रों पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद वहां दोबारा मतदान कराया गया। हालांकि, नक्सलियों के डर से कई लोग दोबारा मतदान के लिए नहीं गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के बाद नक्सलियों का डर कम हुआ: एसपी
मीडिया से बात करते हुए मलकानगिरी के एसपी नितेश वाधवानी ने कहा, "क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के बाद नक्सलियों का डर कम हो गया। पिछले डेढ़ साल से यहां नक्सली गतिविधियों के मामले दर्ज नहीं किए गए हैं।" उन्होंने आगे कहा, "स्थानीय लोगों के सहयोग से, जो क्षेत्र पहले नक्सलियों का गढ़ था, अब वह घटनामुक्त हो चुका है। 2018 से यहां कई परियोजनाओं को लागू किया गया, जिसमें सुरक्षा को बढ़ावा देने के अलावा, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे विशेषकर स्कूलों एवं सड़कों का निर्माण शामिल हैं।"

मलकानगिरी के कलेक्टर और जिला अधिकारी सचिन पवार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए किए गए आयोजनों का विवरण साझा किया। उन्होंने कहा, "कई वर्षों में पहली बार इस क्षेत्र के लोग अपने गांव में मतदान करेंगे। जिले में 30 शखी (सभी महिलाएं) और दो पीडब्ल्यूडी मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।" कलेक्टर ने लोगों से जल्दी वोड डालने की भी अपील की है।


बता दें कि ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव चार चरणों में हो रहा है। 2019 के विधानसभा चुनाव में बिजू जनता दल (बीजद) ने 146 में से 112 सीटें और भाजपा केवल 23 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी। वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो बीजद ने 21 में से 12 सीटें और भाजपा केवल आठ सीटें जीती थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed