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लोकसभा में आवश्यक वस्तु अधिनियम संशोधन बिल व सासंदों का वेतन कटौती बिल पास

Wed, 16 Sep 2020 05:50 AM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Wed, 16 Sep 2020 05:50 AM IST
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Lok Sabha passes the Salary, Allowances and Pension of Members of Parliament Amendment Bill, 2020
loksabha - फोटो : PTI

कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लोकसभा ने मंगलवार को आवश्यक वस्तु अधिनियम (संशोधन) बिल-2020 पास कर दिया। इस बिल में खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दालें और प्याज को नियंत्रण मुक्त करने का प्रावधान है।

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भाजपा के सहयोगी दल अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इस बिल और कृषि क्षेत्र से जुड़े दो अन्य बिल को लेकर किसानों में संदेह और गलतफहमी पर बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र को इन विधेयकों को फिलहाल रोक कर किसानों की चिंता को दूर करने पर काम करना चाहिए। गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान इन विधेयकों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी इसे किसान और गरीब विरोधी बताया है। टीएमसी ने भी बिल का विरोध किया है।
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सांसदों का वेतन 30 फीसदी कटेगा
कोरोना महामारी के कारण लोकसभा में मंगलवार को संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन (संसोधन) विधेयक, 2020 पास हो गया। इसके तहत एक साल तक सांसदों को वेतन 30 फीसदी कटकर मिलेगा। 
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संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को यह बिल लोकसभा में पेश किया था। हालांकि, लोकसभा में ज्यादातर सांसदों ने इस बिल का समर्थन किया, लेकिन उनकी यह मांग थी कि सरकार सांसद निधि में कटौती ना करे। 

लोकसभा में महाराष्ट्र से निर्दलीय सांसद नवनीत रवि राणा ने कहा, कृपया हमारी सैलरी ले लें, लेकिन एमपी लैड फंड्स में कटौती न करें। कोरोना महामारी के दुष्प्रभाव के कारण केंद्री कैबिनेट ने अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री समेत सभी केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों की सैलरी में 30 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया था और यह कटौती एक साल तक रहेगी।


इसके साथ ही, सांसदों को मिलने वाले एमपी लैड फंड पर भी दो साल के लिए अस्थाई रोक लगाई गई है। बता दें कि कोरोना महामारी के बीच इस अध्यादेश को छह अप्रैल को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी और यह सात अप्रैल को लागू हुआ था। 

लोकसभा में भी होम्योपैथी और मेडिसिन विधेयक पास
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राष्ट्रीय भारतीय आयुर्विज्ञान प्रणाली आयोग विधेयक-2019 और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक-2019 पेश किए, जिन्हें लोकसभा ने पास कर दिया। दोनों पिछले साल जनवरी में राज्यसभा में पारित हो चुके हैं।

हर्षवर्धन ने कहा चिकित्सा पद्धति की प्रैक्टिस का लाइसेंस पाने के लिए आम प्रवेश परीक्षा, स्नातकों के लिए एक एक्जिट परीक्षा देने का प्रस्ताव इस बिल में है, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ेगी।

आयुष मंत्रालय के दो विधेयक संसद से पारित
आयुष मंत्रालय के दो महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद से मंजूरी मिल गई। भारतीय चिकित्सा पद्धति के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक तथा होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग विधेयक-2020 को सोमवार को लोकसभा की मंजूरी मिल गई। राज्यसभा बजट सत्र के दौरान 18 मार्च को ही इन विधेयकों को पास कर चुकी है। ये विधेयक मौजूदा भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम-1970 तथा होम्योपैथी केंद्रीय परिषद अधिनियम-1973 का स्थान लेंगे।

पीएम-किसान योजना में किसानों को दिए 38,282 करोड़ रुपये
कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा को बताया कि इस साल अप्रैल से अगस्त तक पीएम-किसान योजना के तहत सरकार ने किसानों को 38,282 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है कि बची हुई किस्तों का अग्रिम भुगतान किया जाए या राशि को बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार देश के 14 करोड़ किसानों को तीन बराबर किस्तों में 6,000 रुपये सालाना देती है।

गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की 361 कंपनियों के खिलाफ जांच पूरी
कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा को बताया कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने पिछले वित्त वर्ष में 12 मामलों से जुड़ी 361 कंपनियों की जांच पूरी कर ली है। वर्ष 2018-19 में भी एसएफआईओ ने 12 मामलों से जुड़ी 83 कंपनियों की जांच की थी। वहीं 2017-18 में में इसने 132 कंपनियों की जांच की थी।

अर्धसैनिक बल के 4,132 जवानों की तीन साल में ड्यूटी के दौरान गई जान
पिछले तीन साल में अर्धसैनिक बल के 4,132 जवानों की ड्यूटी के दौरान गई जान चली गई। मंगलवार को गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा को बताया कि इनमें अर्धसैनिक बलों के राजपत्रित अधिकारी, सहयोगी अफसर और अन्य कर्मी शामिल हैं। एक सवाल के लिखित जवाब में राय ने बताया, इस दौरान सीआरपीएफ के 1,597, बीएसएफ के 725, सीआईएसएफ के 671, आईटीबीपी के 429, एसएसबी के 329 और असम राइफल्स के 381 कर्मी शामिल हैं।

लॉकडाउन से 14-29 लाख कोविड केस और 37-78 हजार लोगों की जिंदगी बची
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में बताया, सरकार के लॉकडाउन लगाने से देश में 14 से 29 लाख लोग कोरोना संक्रमित होने से बच गए। वहीं, 37 से 78 हजार लोगों की जिंदगी बच गई। राय ने कहा, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सरकार के कदम की सराहना की। लॉकडाउन के दौरान सरकार को अतिरिक्त स्वास्थ्य संसाधन तैयार करने का मौका मिला। इस दौरान कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बिस्तरों की संख्या 22 गुना बढ़ाई गई। वहीं, आईसीयू की संख्या भी 14 गुना बढ़ गई। एजेंसी

नए पेराई सत्र में गन्ना किसानों का 13,000 करोड़ बकाया
सरकार ने लोकसभा में बताया है कि 2019-20 के दौरान 11 सितंबर तक गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर करीब 13,000 करोड़ रुपये बकाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के राज्यमंत्री दानवे रावसाहेब दादाराव ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि गन्ना किसानों को देय कुल बकाया 75,585 करोड़ रुपये में से 11 सितंबर, 2020 तक करीब 62,591 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है।

लोकसभा में लिखित प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि अब केवल 12,994 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने कहा कि चीन मिलों के पास 2018-19 खरीद सीजन का भी 548 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि 2017-18 का 242 करोड़ और 2016-17 और उससे पहले का 1,899 करोड़ रुपये बकाया है। इस प्रकार कुल बकाया 15,683 करोड़ रुपये है। 

उन्होंने सदन को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार बजाज ग्रुप की 14 मिलों पर 2019-20 खरीद सीजन में कुल बकाये 5,339 करोड़ में से 2,378 करोड़ रुपये गन्ना किसानों को चुका दिया गया है। शेष 2,961 करोड़ अब भी बकाया है। प्रदेश सरकार ने बताया है कि गन्ना आयुक्तों ने बकायेदार चीनी मिलों को नोटिस देते हुए किसानों का बकाया भुगतना करने का निर्देश दिया है।

फिल्म इंडस्ट्री के लोगों और ड्रग तस्करों के बीच साठगांठ का खुलासा करने वाले इनपुट नहीं: केंद्र
सरकार ने मंगलवार को कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) से ऐसे कोई इनपुट नहीं मिले हैं, जिससे फिल्म इंडस्ट्री के लोगों और ड्रग तस्करों के बीच साठगांठ का खुलासा हो सके। लोकसभा में सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, एनसीबी अन्य सूत्रों से या खुद से मिले कार्रवाई योग्य इनपुट के आधार पर पूरे साल तलाशी, जब्ती, गिरफ्तारी और जांच करती रहती है। कोविड-19 के दौरान ऐसा कोई इनपुट नहीं मिला है, जिससे बॉलीवुड के लोगों और ड्रग तस्करों के बीच साठगांठ का पता चल सके।



हालांकि इससे जुड़े मामले में मुंबई जोन की यूनिट ने 28 अगस्त को केस दर्ज किया था। अब तक मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गांजा, हशीश, टेट्रा, हाइड्रो कैनाबाइनोल और एलसीडी जैसे ड्रग्स जब्त किए गए हैं।  

 

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