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लोकसभा: चीन-भूटान सीमा पर बीते तीन सालों में नहीं हुई कोई घुसपैठ, गृह मंत्रालय ने दिया जवाब
Tue, 07 Dec 2021 10:20 PM IST
सुरेंद्र जोशी
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 07 Dec 2021 10:20 PM IST
सार
पाकिस्तान से सटी सीमा पर घुसपैठ की 128 घटनाएं, बांग्लादेश सीमा पर 1,787 घटनाएं, नेपाल सीमा पर 25 घटनाएं, म्यांमार सीमा पर 133 घटनाएं हुई।
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Infiltration
विस्तार
पिछले तीन सालों में चीन और भूटान सीमा पर घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है। सांसद चिराग पासवान द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक ने यह जानकारी दी।
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पासवान ने गत तीन वर्षों के दौरान सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ के विभिन्न मामलों और इस संबंध में सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में सवाल किया था।
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घुसपैठ की कहां कितनी घटनाएं हुईं
जवाब में प्रमाणिक ने बताया कि पाकिस्तान से सटी सीमा पर घुसपैठ की 128 घटनाएं, बांग्लादेश सीमा पर 1,787 घटनाएं, नेपाल सीमा पर 25 घटनाएं, म्यांमार सीमा पर 133 घटनाएं और चीन एवं भूटान सीमा पर कोई घटना नहीं हुई। घुसपैठ की घटनाओं से सीमा सुरक्षा बल, राज्य सरकार और अन्य सरकारी एजेंसियों से करीबी समन्वय बनाकर निपटते हैं।
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विशेष निगरानी दल नहीं, सीमा सुरक्षा बल कर रहे रोकथाम
इस सवाल कि सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या अनुपात में तेजी से वृद्धि के मद्देनजर क्या सरकार ने घुसपैठ की निगरानी और रोकथाम के लिए विशेष निगरानी दल गठित करने का प्रस्ताव किया है? इस सवाल पर प्रमाणिक ने कहा कि सीमा सुरक्षा करने वाले बल घुसपैठ की निगरानी कर रहे हैं और उसकी रोकथाम के कदम उठा रहे हैं।
घुसपैठ रोकने के ये उपाय किए गए
गृह राज्यमंत्री प्रमाणिक ने बताया कि सरकार ने सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करने वाले बलों की तैनाती, सीमा पर बाड़ व फ्लडलाइटें लगाना, गश्त के जरिये सीमाओं पर प्रभावी प्रभुत्व स्थापित करना, सीमाओं पर निगरानी चौकियों में जवानों की तैनाती, संवेदनशील बॉर्डर आउट पोस्ट की मैपिंग, हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर व नाइट विजन डिवाइस जैसे विशेष निगरानी वाहनों की तैनाती शामिल है।