अमृतसर से किसे चुनाव लड़ाएगी भाजपा, 2014 में अरुण जेटली को मिली थी करारी हार
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भाजपा के पास पंजाब में इस बार भी बहुत सीमित विकल्प हैं। राज्य की तेरह लोकसभा सीटों में से केवल तीन पर चुनाव लड़ रही भाजपा इस बार भी लगभग उन्हीं मोहरों पर दांव खेलने जा रही है जिसे उसने 2014 के आम चुनाव या 2017 के उपचुनाव में आजमाया था।
पंजाब उन कुछ राज्यों में शामिल है जहां पार्टी अपना कोई विस्तार नहीं कर पाई है। पार्टी इसके लिए सहयोगी धर्म को निभाने की मजबूरी बताती है क्योंकि उसकी सहयोगी अकाली दल यहां प्रमुख पार्टी की भूमिका में है।
पंजाब की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक अमृतसर से भाजपा इस बार किसे मौका देगी, इस पर सबकी निगाहें लगी हुई हैं। पंजाब से जुड़े पार्टी के एक नेता के मुताबिक अमृतसर से इस बार एक हिंदू उम्मीदवार को लड़ाए जाने की योजना है।
इस लिहाज से अमृतसर से भाजपा नेता अनिल जोशी की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। जोशी के अलावा पार्टी के बड़े नेताओं में से एक हरदीप सिंह पुरी इस सीट से चुनाव लड़ने को लेकर इच्छुक बताए जा रहे हैं। उनके अलावा बीते उपचुनाव में इस सीट पर नंबर दो पर रहे राजिंदर मोहन सिंह चीना दोबारा इस सीट पर अपनी किस्मत आजमाने के लिए जोर लगा रहे हैं।
वर्ष 2014 के आम चुनाव में पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अमृतसर सीट पर जीत मिली थी। उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता अरुण जेटली को एक लाख से अधिक वोटों से हराया था।
लेकिन पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी जिसके बाद 2017 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के ही गुरजीत सिंह को सफलता मिली। उन्होंने भाजपा के राजिंदर मोहन सिंह चीना को हराया था। चीना इस बार भी भाजपा की तरफ से अमृतसर सीट के बड़े दावेदार बताए जा रहे हैं।
भाजपा में रहते हुए पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू इसी सीट का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन अरुण जेटली के लिए उन्हें यह सीट खाली करनी पड़ी थी। इससे नाराज सिद्धू ने काफी विवादों के बाद अंततः पार्टी छोड़ कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी।
गुरदासपुर से अक्षय खन्ना को उतार सकती है पार्टी
फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना पंजाब में भाजपा के लोकप्रिय चेहरों में से एक थे। उन्होंने 2014 के आम चुनाव में यहां से कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा को हराकर भाजपा को जीत दिलाई थी। हालांकि, विनोद खन्ना के निधन के बाद हुए उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील कुमार जाखड़ को जीत मिली थी। भाजपा इस आम चुनाव में विनोद खन्ना के बेटे अक्षय खन्ना को मैदान में उतार सकती है।
हाल ही में 'एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' हिंदी फिल्म से सुर्खियां बटोर चुके अक्षय खन्ना भाजपा के लिए जिताऊ उम्मीदवार साबित हो सकते हैं। हालांकि, अक्षय खन्ना के अलावा अश्विनी कुमार वहां से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।इस सीट से फिल्म जगत से सनी देओल और अक्षय कुमार को भाजपा की तरफ से लड़ाए जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन दोनों ही सितारों ने अपनी दावेदारी को महज अफवाह बताया था।
होशियारपुर सीट पर सांपला की मजबूत दावेदारी
केंद्र में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री विजय सांपला इस बार भी पंजाब की रिजर्व सीट होशियार पुर से चुनाव लड़ सकते हैं। वर्ष 2014 में इसी सीट पर उन्होंने कांग्रेस के मोहिंदर सिंह को महज 13582 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। हालांकि, सांपला के अलावा सोन प्रकाश और दिलबाग राय ने भी होशियार पुर से अपनी दावेदारी पेश की है।