तेजस्वी बोले, कांग्रेस के 'न्याय' से बिहार में अन्याय पीड़ितों को मदद मिलेगी
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कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित न्यूनतम आय योजना न्याय का पूर्ण समर्थन करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को कहा कि इसका बिहार के लोगों के लिए दूरगामी प्रभाव होगा और यह गरीबी के दुष्चक्र पर भारी चोट करेगी। तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार में महागठबंधन समाज के दबे-पिछड़ों और हाशिए पर चल रहे लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाला है जिसने भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को परेशान कर रखा है। उन्होंने दोहराया कि यह निस्तेज गठबंधन नहीं बल्कि न सिर्फ राजनीतिक दलों, समाज के विभिन्न घटकों का भी मजबूत इंद्रधनुषी गठबंधन है।
यादव ने पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित न्यूनतम आय योजना या न्याय के बिहार के लोगों पर दूरगामी प्रभाव होंगे। यह गरीबों के हाथ में आधारभूत जरूरतों पर खर्च करने के लिए हर महीने एक नियमित रकम रखने का वादा करती है। यादव ने कहा कि बिहार के लोग केंद्र और राज्य सरकारों की गरीब विरोधी नीतियों और कृत्यों से अन्याय के शिकार रहे हैं और यह सही समय है जब उन्हें न्याय की मांग करनी चाहिए और उसे हासिल करना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा करीब एक हफ्ते पहले की गई बड़ी घोषणा में कहा गया था कि उनकी पार्टी अगर लोकसभा चुनावों के बाद सत्ता में आई तो गरीब परिवारों को हर साल न्यूनतम आय के तौर पर 72 हजार रुपये दिए जाएंगे जिससे करीब 25 करोड़ लोगों को लाभ होगा। बिहार में तेजस्वी की पार्टी ने कांग्रेस और चार अन्य दलों के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन बनाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों के आर्थिक कुप्रबंधन के बाद यह योजना उन लोगों के हाथों में रकम रखेगी जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। तेजस्वी ने कहा कि राजद को पूरा यकीन है कि न्याय से गरीबी के दुष्चक्र पर व्यापक और अभीष्ट चोट की जा सकेगी जो गरीबों के लिए पहुंच और अवसरों को बुरी तरह बाधित करती है।
यह पूछे जाने पर कि सीटों का बंटवारा करने में इतना वक्त क्यों लगा, यादव ने कहा कि पहले मुझे यह स्पष्ट करने दीजिए कि हड़बड़ी में एक निष्प्रभावी गठबंधन पर मुहर लगाने के बजाय हमारा विचार न सिर्फ राजनीतिक दलों बल्कि समाज के विभिन्न घटकों का एक मजबूत इंद्रधनुषी गठबंधन बनाने का था। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने महागठबंधन पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में कहा कि अब जब हमनें इसे आकार दे दिया है तो देखने वाली बात यह है कि राजग कितना परेशान है।
घटक दलों के बीच लंबी बातचीत के बाद बिहार में महागठबंधन ने शुक्रवार को सभी 40 संसदीय सीटों के बंटवारे का विवरण साझा किया था। इसके तहत पाटलिपुत्र और दरभंगा से राजद नेता मीसा भारती और अब्दुल बारी सिद्दीकी के साथ ही सासाराम से कांग्रेस नेता मीरा कुमार समेत अन्य सीटों पर गठबंधन के उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया।
सीटों के बंटवारे पर बनी सहमति के मुताबिक राजद के हिस्से में 20 सीटें आई हैं जिनमें से एक सीट उसने भाकपा (माले) को दी है। कांग्रेस नौ सीटों पर लड़ेगी, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) पांच सीटों पर जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी तीन-तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी।